यहां आप राजनीतिक विज्ञान, इतिहास, भूगोल और वर्तमान मामलों और नौकरियों के समाचार से संबंधित उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री प्राप्त कर सकते हैं.

शनिवार, 4 जुलाई 2020

संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रादेशिक विवरण

कोई टिप्पणी नहीं :

संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रादेशिक विवरण

 संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) - स्थिति एवं विस्तार (Location and Extent) - संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व का सर्वाधिक विकसित देश है। क्षेत्रफल की दष्टि से रूस, कनाडा व चीन के बाद विश्व का चौथा बड़ा देश है। इसका क्षेत्रफल 9372 हजार वर्ग किमी0 । यह 50 राज्यों का संघ है, जिनमें से दो राज्य-अलास्का मुख्य देश से पृथक उत्तरी अमेरिका के उत्तरी-यह पश्चिमी छोर पर तथा हवाई (द्वीप) प्रशान्त महासागर में स्थित है। संयुक्त राज्य तथा कनाडा की सीमा 49° उतरी अक्षांश द्वारा निर्धारित होती है। इसकी दक्षिणी सीमा पर मैक्सिको स्थित है। इसका देशान्तरीय विस्तार 66°57' पश्चिम से 12445' पश्चिम के मध्य अत्यधिक व्यापक होने के कारण संयुक्त राज्य 8 समय-खण्डों (Time Zones) में विभाजित है। इसका अक्षांशीय विस्तार 240°30' से 49° उत्तरी अक्षांशों के मध्य है। धरातल एवं भौतिक विभाग (Relief and Physical Divisions) -वृहद विस्तार के कारण संयुक्त राज्य का धरातल विविधतापूर्ण है। धरातल की दृष्टि से इसे आठ भागों में विभाजित किया जा सकता है

अटलांटिक एवं खाड़ी तटीय प्रदेश यह प्रदेश उत्तर-पूर्व में कॉड अन्तरीप से लेकर अटलांटिक तट के सहारे फ्लोरिडा प्रायद्वीप तक तथा पश्चिम में मैक्सिको की खाड़ी के सहारे विस्तृत है। इसकी चौड़ाई उत्तर में 48-80 किमी मात्र है, किन्तु दक्षिण की ओर यह अधिक चौड़ा है। कभी यह समुद्र का भाग था। यहाँ अनेक नदियाँ मुहाना बनाती हैं तथा उर्वर जलोढ़ मैदान की रचना करती है। मिसीसिपी का डेल्टा अत्यंत उरवर है।

2.अपलेशियन प्रदेश- इस प्रदेश का विस्तार उत्तर-पूर्व में न्यू इंग्लैण्ड राज्यों से अलाबामा तक है। ये प्राचीन दलित पर्वत अत्यधिक अपरदित हो गए हैं। इनकी अधिकतम ऊँचाई माउन्ट मिचेल शिखर के रूप में 2137 मीटर है। उत्तरी छोर पर माउंट वाशिंगटन (1917 मीटर) तथा एडिरॉन्डॉक्स (1629 मीटर) स्थित है। इनके मध्य अनेक निम्न श्रेणियाँ तथा घाटियाँ विस्तृत हैं। न्यूइंग्लैण्ड राज्य में अपलेशियन श्रृंखला कैटसकिल, वर्कशायर तथा ग्रीन पहाड़ियों तथा ह्ाइट पर्वत के रूप में स्थित है। न्यूयार्क से जार्जिया राज्य तक पीडमोन्ट पठार स्थित है,जहाँ अनेक नदियाँ प्रपात बनाती हुई मैदान में उतरती है। इन प्रपातों को मिलाने वाली रेखा 'प्रताप रेखा' (Fall line) कहलाती है। अपलेशियन श्रेणी के पश्चिम में धनी पठार तथा कम्लरलैण्ड पठार विस्तृत है।

3.मध्यवर्ती उच्च भूमि- मध्यवर्ती मैदान के दक्षिण में ओजार्क का पठार तथा औचिता पर्वत (1830 मीटर तक ऊँचे) स्थित है। दोनों के मध्य अरकन्यास नदी की घाटी स्थित है।

4.मध्यवर्ती मैदान- अपलेशियन तथा रॉकी पर्वतों के मध्य मिसौरी मिसीसिपी एवं उनकी सहायक नदियों द्वारा प्रवाहित मैदान स्थित हैं। मिसीसिपी के पूर्व का मैदानी भाग “निम्न भूमि" (Lowland) कहलाता है, जबकि पश्चिमी भाग को "विशाल मैदान" (Great Plains) कहते हैं। यह मैदान जलोढ़ अवसादों से निर्मित है। इसके उत्तरी भाग में महान झीलों के निकट हिमनदीय निक्षेप मिलते हैं।

5. कैनेडियन शील्ड- मध्यवर्ती मैदान के उत्तर में प्राचीन कठोर रवेदार शैलों से निर्मित पठारी भाग स्थित हैं, जो कनाडियन शील्ड का भाग हैं, यह न्यूयार्क में एडिरोन्डाक पर्वत के रूप में स्थित है। इसकी सर्वोच्च शिखर माउंट जर्सी (1629 मीटर) है, यहीं महान झीलें स्थित हैं।

6. रॉकी पर्वत- देश के पश्मिची भाग में उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व दिशा में नवीन वलित रॉकी पर्वत क्षेणी का विस्तार है, जिसे पश्चिमी कार्डिलरा भी कहते हैं। इसकी सर्वोच्च शिखर कोलोरेडो राज्य में स्थित माउंट व्हिटनी (4399 मीटर) है।

7. अन्तर्पर्वतीय पठार- कास्केड श्रेणी तथा सियरा नेवादा श्रेणी के मध्य अन्तर्पर्वतीय पठारी प्रदेश में अनेक पठार कोलम्बिया पठार स्थित हैं। ज्वालामुखी क्रिया से निर्मित हैं। इसके दक्षिण में ग्रेट बेसिन स्थित है, जिसमें अनेक लवणयुक्त सूखी झीलें स्थित हैं। इसी बेसिन में सागर तल से भी 84 मीटर नीचे मृत घाटी (Dead Valley) स्थित है। इसके दक्षिण-पूर्व में कोलोरेडो पठार पर कोलोरेडो नदी ने विश्व प्रसिद्ध सबसे गहरी कन्दरा 'ग्रान्ड कैनियन' का निर्माण किया है। 8.प्रशान्त पर्वतीय क्षेत्र- इस संकरे, तटीय प्रदेश में अनेक पर्वत श्रेणियां व समान्तर घाटियाँ स्थित है। सियरा नेवादा श्रेणी विवर्तनिक हलचलों से उत्पन्न हुई, जबकि कास्केड श्रेणी ज्वालामुखी क्रिया से निर्मित है। कोस्टरेन्ज कम ऊँची है। यहाँ भूकम्प अधिक आते हैं। सियरा नेवादा तथा कोस्टरेन्ज के मध्य कैलिफोर्निया की घाटी तथा कास्केड व कोस्टरेन्ज के मध्य विलमोर घाटी स्थित है। कैलिफोर्निया की घाटी में उत्तर से दक्षिण क्रमशः सेक्रोमेन्टोव सान जोक्विन नदियाँ सान फ्रांसिस्को खाड़ी में गिरती है, जिसे स्वर्ण द्वार (Golden Gate ) कहा जाता है।

अपवाह तंत्र (Drainage) -रॉकी पर्वत संयुक्त राज्य के अपवाह तंत्र में जल विभाजक का कार्य करते हैं। देश के अपवाह तंत्र को चार वर्गों में रखा जाता है-

1.अटलांटिक महासागरोन्मुख अपवाह -इसके अन्तर्गत मिसौरी मिसीसिपी नदी तन्त्र प्रमुख है, जो देश के दो-तिहाई भाग पर प्रवाहित होता है। हडसन, जेम्स, सरक्वेहाना आदि छोटी नदियाँ भी अटलांटिक में प्रवाहित होती है।

2. प्रशान्त महासागरोन्मुख अपवाह -रॉकी पर्वत से पश्चिम में प्रशान्त महासागर में प्रवाहित होने वाली प्रमुख नदियाँ कोलम्बिया तथा कोलोराडो हैं। कोलोराडो की संकरी व गहरी घाटी में अनेक. विशाल बाँध बनाए गए हैं।3 आन्तरिक अपवाह- पर्वतों से घिरा ग्रेट बेसिन आन्तरिक अपवाह का क्षेत्र है। यहाँ अनेक नदियाँ सागर में गिरने के पूर्व ही मरूस्थल में लुप्त हो जाती हैं। यहाँ ग्रेट साल्ट लेक सबसे बड़ी नमकीन झील है, जिसमें अनेक नदियाँ गिरती हैं।4. महान झीलों का अपवाह- कनाडा व संयुक्त राज्य की उत्तरा-पूर्वी सीमा पर सुपीरियर, ओन्टारियो, मिशिगन, ह्यरन तथा ईरी झील स्थित हैं। इसमें कई छोटी नदियाँ गिरती हैं। ईरी वओन्टारियो के मध्य नियाग्रा प्रपात प्रसिद्ध पर्यटन स्थल एवं आंग्ल अमेरिका का जल-विद्युत का बड़ा स्रोत है। अलास्का में यूकन नदी उल्लेखनीय है। जलवायु (Climate)- संयुक्त राज्य अमेरिका की जलवायु पर देश के वृहद आकार एवं उत्तर-दक्षिण विस्तार, पर्वतों की दिशा, समुद्री धाराओं, गल्फ स्ट्रीम, लोब्रेडोर व कैलिफोर्निया धाराएँ,महान झीलों तथा वायु राशियों व पवनों का प्रभाव दर्शनीय है।

 तापमान-संयुक्त राज्य का अधिकांश भाग शीतोष्ण कटिबन्ध में स्थित है, तथापि यहाँ तापमानों की भिन्न मिलती है। ग्रीष्मकाल में आन्तरिक भाग काफी गर्म, किन्तु तटीय भागों के तापमान कम रहते हैं। देश के उत्तरी भाग में 20-25°C औसत तापमान रहता है। दक्षिण-पश्चिम में 32°C की समंताप रेखा काफी बड़े क्षेत्र को घेरती है। प्रशान्त महासागर की ओर से चलने वाली आर्द्र पवनों के कारण उत्तरी-पश्चिमी तटीय भागों के तापमान 16°C तक गिर जाते हैं। महान झीलों के निकट 18°-20°C तापमान रहते हैं। यदाकदा अधिकतम तापमान 16°C तक गिर जाते हैं। शीतकाल में 10°C की समताप रेखा देश के उत्तरी भाग से गुजरती है। उत्तर की ओर से चलने वाली ठण्डी वाय राशियाँ तापमानों को शून्य से भी नीचे गिरा देती हैं तथा हिमाच्छादन रहता है। दक्षिण पश्चिमी तट पर ठण्डी कैलिफोर्निया धारा के कारण तापमान 15°C रहते हैं,जबकि पूर्वी तट पर गर्म गल्फ स्ट्रीम धारा के प्रभाव से अधिक तापमान मिलते हैं। देश की उत्तरी सीमा के निकट 55-90 दिनों तक हिमपात होता है। मध्यवर्ती मैदान में 30-35 दिन तथा दक्षिणी भाग में एक या दो दिन का हिमपात होता है। 

वर्षा-प्रशान्त महासागर की ओर से आर्द्र पछुवा पवनों द्वारा रॉकी पर्वतों के सम्मुख ढालों पर लगभग 200 सेमी0 वार्षिक वर्षा होती है, किन्तु विमुख ढाल वृष्टि छाया में पड़ने के कारण शुष्क रह जाते हैं। कैलिफोर्निया राज्य में शीतकाल में 50-100 सेमी0 वर्षा होती है। ग्रेट हेिनसे मरूस्थलीय दशाएँ रहती हैं। दक्षिणी-पूर्वी तटीय भाग में व्यापारिक पवनों से ग्रीष्म ऋतु में T00-200
सेमी0 वर्षिक होती है। फ्लोरिडा में मानसूनी पवनों से 200 सेमी0 तक वर्षा होती है। तट से आन्तरिक आगों की ओर वर्षा की मात्रा कम होती जाती है। मैक्सिको कोखाडी में विनाशकारी तूफान सक्रिय होते जिन्हें परिजन कहा जाता है। दक्षिणी-पूर्वी तथा दक्षिणी-मध्यवर्ती राज्यों में "टारनेडो से भारी भर्ती होती है। इन मौसमी तूफानों से भारी वर्षा होती है। प्राकृतिक वनस्पति (Natural Vegatation) विगत तीन शताब्दियों में अत्यधिक शोषण के कारण अधिकांश मौलिक वन नष्ट हो गए हैं। घास भूमियाँ-फार्मों में रूपान्तरित हो गई हैं। तथापि संयुक्त राज्य की प्राकृतिक वनस्पति को निम्न प्रकारों में बाँटा जा सकता है

1. शंकुधारी वन- उत्तरी-पूर्वी भाग में न्यू इंग्लैण्ड राज्यों तथा महान झीलों के निकट श्वेत पाइन,जैक पाइन, स्पूस, बाल्सम फर, बर्च आदि प्रमुख किस्में हैं। उत्तरी-पश्चिमी भाग में रॉकी पर्वतों तथा कोट रेज के ढालों पर डगलस फर, रेड सिडार, रेडवुड,येलो पाइन,शुगर पाइन,अल्पाइन फर आदि शंकुधारी किस्में मिलती हैं, किन्तु दुर्गम होने के कारण इनका शोषण कम हुआ है।

2. चौड़ी पत्ती के पर्णपाती वन अपलेइियन पर्वतीय क्षेत्र तथा इसके पश्चिम में मेपल, बर्च, बीच, एल्म, ओक,चेस्टनट, पोपलार आदि कठोर किस्में कठोर किस्में इमारती महत्व की हैं।

3. उष्णकटिबंधीय सदापर्णी वन मिसीसिपी के डेल्टा ई भाग में मैंग्रोव, महोगनी, रग्बी (Ragvoni) तथा फ्लोरिडा में ट्रेपिलागम (गोंद का स्रोत) उल्लेखनीय किस्में हैं।

4.शुष्क शीतोष्ण सदापर्णी वन कैलिफोर्निया राज्य में लॉरेल, जैतून, कार्क, ओक, वालनट, अंजीर आदि भूमध्यसागरीय वन तथा चपर्राल (Chaparral) झाड़ियाँ उगती हैं।

5. मरुस्थलीय वनस्पति- कोलम्बिया, ग्रेट बेसिन तथा कोलोरेडो पठार के अर्द्ध मरूस्थलीय मरुस्थलीय क्षेत्र में कंटली झाड़ियाँ, नागफनी, कैक्टस आदि उगते हैं।

6. घास भूमियाँ- देश के मध्यवर्ती भाग में सामान्य वर्षा के क्षेत्रों में प्रेयरी घास भूमियाँ स्थित हैं, जो अब गेहूँ फार्मों तथा पशु फार्मों में बदल गए हैं। 

मिट्टियाँ (Soils) संयुक्त राज्य अमेरिका में 11 प्रकार की मिट्टियाँ पाई जाती हैं.


1. पोडजोल मिट्टी- महान झीलों के निकट तथा उत्तरी-पूर्वी भाग में अनुर्वर पोडजोल मिट्टियाँ पाई जाती हैं, जो केवल घास, जई,आलू व सब्जियों के लिए उपयुक्त हैं।

2. भूरी पोडजोल मिट्टी- जीवांशयुक्त होने के कारण ये उर्वर होती है तथा गेहूँ, तम्बाकू व चारा फसलों के लिए उपयोगी है।

3. लाल व पीली मिट्टी- निरन्तर खेती होने के कारण इनकी उर्वरता घट गई है। इनमें कपास, तम्बाकू, फल आदि की खेती होती है 

4.प्रेयरी मिट्टी- ये जीवांश युक्त उर्वरक मिट्टियाँ गेहूँ, कपास व मक्का के लिए उपयोगी है।

5. चरनोजम मिट्टी -प्रेयरी मिट्टियों के पश्चिम में विस्तृत ये मिट्टियाँ गेहूँ के लिए उत्तम हैं।

6. भूरी चेस्टनट मिट्टी -प्रेयरी के पश्चिम में ये कम जीवांशयुक्त तथा कम उर्वर मिट्टियाँ हैं। 

7.भूरी मिट्टी-ये शुष्क पश्चिमी राज्यों में मिलती है। इनमें नाइट्रोजन व पोषक तत्वों का अभाव व चूने की कमी होती है। 

8.जलोढ़ मिट्टी- ये नदी-घाटियों व मैदानों की मिट्टी है, जो गेहूँ व कपास के लिए उत्तम है।

9. रेतीली मिट्टी- खनिजों तथा जैविक अंश की कमी के कारण ये कृषि के लिए अधिक उपयोगी नहीं है।

10. पर्वतीय मिट्टी- इनकी परतें पतली तथा परिच्छेदिका अविकसित होती है, अतः ये अनुर्वर है।

11. दलदली मिट्टी -ये मिट्टियाँ डेल्टाई व समुद्र तटीय क्षेत्रों में मिलती हैं। इनमें चावल व नारियल की उपज होती है। संयुक्त राज्य के मृदा संरक्षण के प्रयासों के बावजूद अपरदन की कठिन समस्या है। यहाँ जल तथा वायु द्वारा मिट्टी का बहुत अपरदन होता है। कृषि (Agriculture)- सत्रहवीं शताब्दी में यूरोपीय उपनिवेशों ने यहाँ वनों को साफ करके निर्वाह कृषि तथा पशुचारण आरम्भ किया। परिवहन साधनों, विशेषतः रेल मार्गों के विकास तथा मशीनों का प्रयोग बढ़ने पर प्रेयरी घास भूमियों को साफ करके विशाल फार्म विकसित किए गए तथा वाणिज्यिक कृषि का प्रसार हआ। इन फार्मों इन फार्मों पर यंत्रों, उर्वरकों के प्रयोग तथा तथा कृषि शोधों द्वारा उन्नत कृषि होती है। कृषि पेटियां (Agricultural belts) संयुक्त राज्य में फसलों का विशिष्टीकरण मिलता है।

 यहाँ निम्नलिखित कृषि पेटियाँ विकसित हुई-


1. गेहूँ की पेटियाँ (Wheat belts) -संयुक्त राज्य विश्व का अग्रणी गेहूँ उत्पादक है। यहाँ विश्व का लगभंग 18% गेहूँ उत्पादन होता है। यहाँ आधुनिकतम कृषि प्राविधिकी, मशीनरी, रासायनिक उर्वरकों, उत्तम बीजों, सिंचाई के साधनों तथा कुशल फार्म प्रबन्धन द्वारा गेहूँ की उत्तम पैदावार होती है। जलवायवीय भिन्नता के अनुसार यहाँ गेहूँ की दो प्रमुख फसलें (ग्रीष्मकालीन तथा वसन्तकालीन) होती हैं। यहाँ कई प्रकार का गेहूँ उगता है। गेहूँ की निम्नलिखित पेटियाँ विकसित हैं (क) वसन्तकालीन गेहूँ पेटी यह रेड नदी घाटी में 160 किमी0 लम्बी तथा 320-800 किमी० चौडी पेटी है। (ख) शीतकालीन कठोर गेहूँ पेटी इसका विस्तार मध्यवर्ती राज्यों पर है। (ग) शीतकालीन कोमल गेहूँ पेटी इसका विस्तार मध्यवर्ती एवं उत्तरी-पूर्वी राज्यों पर है। पहले यहाँ कपास अधिक उगती थी।

घ) कोलम्बिया पठार की गेहूँ पेटी- इस छोटी पेटी में वसन्तकालीन एवं शीतकालीन दोनों प्रकार का गेहूँ उगता है।

(इ) कैलिफोर्निया की गेहूँ पेटी कैलिफोर्निया राज्य की सैक्रामेंटो तथा सान जोक्विन घाटियों में शीतकालीन गेहूँ उगता है।

2. मक्का पेटी(Corn belt)- संयुक्त राज्य में मक्का पेटी की सीमा 140 पाला रहित दिनों द्वारा निर्धारित होती है। वैसे कपास पेटी में भी गौण रूप से मक्का उत्पादन होता है। इस पेटी का विस्तार ओहायो, इण्डिाना, इलिनोयस, आयोवा, डकोटा तथा मिनीसोटी राज्यों में है। यहाँ चारा घास (hay) भी उगाया जाता है। गेहूँ, जई व सोयाबीन अन्य गौण फसलें हैं। इस पेटी में पशुपालन विकसित है। मक्का का प्रयोग सुअर को मोटा करने के लिए चारे के रूप में किया जाता

3. कपास पेटी (Cotton belt)- इस पेटी की सीमा 200 पालारहित दिनों द्वारा निर्धारित होती है। अतः इस पेटी की विस्तार दक्षिण राज्यों में है। इसकी सीमा 37° उत्तरी अक्षांश तथा 100° पश्चिमी देशान्तर (50 सेमी0 वार्षिक वर्षा रेखा) द्वारा निश्चित होती हैं। इसका विस्तार कैरोलिना, जार्जिया, अलाबामा, मिसीसिपी, अरकांसस, टेनेन्सी, लूजियाना, ओकलाहामा तथा टैक्सास राज्यों पर है।

4.चारा घास व दुग्ध पेटी(Hai And Dairying belt)- इस पेटी का विस्तार उत्तरी-पूर्वी राज्यों पर है। यहाँ विषम धरातल के कारण कृषि अविकसित हैं, किन्तु पशुपालन के लिए उत्तम जलवायु तथा घन नगरीय आबादी के लिए पशु व दुग्ध पदार्थों की माँग के कारण मवेशी पालन प्रचलित है। 5.फल व सब्जी की पेटी (Truck farming belt) -तीव्रगामी परिवहन साधनों, शीतघरों (cold storage) की सुविधाओं तथा बाजारों के कारण सब्जी व फलोत्पादन का विकास छः प्रमुख क्षेत्रों में हो गया है- (क) न्यू इंग्लैण्ड, (ख) मध्य अटलांटिक तटीय प्रदेश (ग) दक्षिणी-पूर्वी प्रदेश, (घ) उत्तरी-मध्य मैदान, (इ) उत्तरी प्रशान्त क्षेत्र एवं (ज) कैलिफोर्निया घाटी।

6. पशुचारण एवं सिंचित फसलों की पेटी(Grazing and irrigated crops belt) -इस पेटी का विस्तार देश के पश्चिमी भाग पर मोन्टाना, वायमिंग, वाशिंगटन, ओरेगन, इदाहों, नेवादा, ऊटाह, एरिजोना, न्यू मैक्सिको, कोलोरेडो तथा आंशिक रूप से दक्षिणी डकोटा एवं नेब्रास्का राज्यों पर है। अन्य फसलें (Other crops)

1. चावल यहाँ तीन क्षेत्रों में चावल की कृषि विकसित है- (क) दक्षिणी-पूर्वी तटीय राज्य, (ख) कैलिफोर्निया घाटी एवं (ग) पूर्वी अरकांसस व मिसिसिपी राज्य।

2. चुकंदर- इसका उतपादन महान झीलों के तट से लेकर प्रशांत महासागर तक होता है। 3.तम्बाकू - संयुक्त राज्य विश्व का प्रधान तांबा उत्पादक देश है। यहाँ मैरीलैण्ड से वर्जीनिया तथा कैरोलिना राज्यों तथा देश के उत्तरी -पूे ग में तम्बाकू की खेती होती है।

4.गन्ना -इसका उत्पादन दक्षिणी लूजियाना, मिसीसिपी तथा हवाई द्वीप पर अधिक होती है।

5.जर्ई.संयुक्त राज्य विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक है। उत्तरी-मध्य राज्यों में इसकी खेती प्रमुखतःहोती है। पशुपालन (Livestock Raising) -संयुक्त राज्य में गाय-बैल, भेड़ तथा सुअर अधिक पाले जाते हैं। मुर्गी पालन भी बहुत प्रचलित है। यहाँ गौ पालन विशेषतः विकसित है। दूध तथा माँस वाले दोनों प्रकार के मवेशी पाले जाते हैं। पूर्वी आर्द्र राज्यों में गौ पालन अधिक विकसित है,जबकि पश्चिमी शुष्क भागों में भेड़ें अधिक पाली जाती हैं। यहाँ दुग्ध व्यवसाय के उन्नत होने के निम्नलिखित कारण हैं- (1) उत्तम जलवायु, (2) विस्तृत चारागाह, (3) दुग्ध पदार्थों की स्थानीय माँग, (4) डेयरी व्यवसाय का संगठित उद्योग, (5) दुग्ध पदार्थों के व्यापार के लिए उत्तम व्यवस्था (6) परिवहन साधनों, शीतागारों, शोध व अनुसन्धान की सुविधा आदि। मत्स्य पालन (Fishery)- संयुक्त राज्य में वाणिज्यिक मत्स्योत्पादन विकसित है। अटलांटिक तटीय एवं प्रशान्त तटीय खुले समुद्रों में मत्स्योत्पादन की उपयुक्त दशाएँ मिलती हैं। ये विश्व के बड़े मत्स्योत्पादक क्षेत्र हैं। मैनहेडन, सामन, श्रिम्प, कॉड, सी-हेरिंग, टूना तथा क्रेब प्रमुख किस्में हैं। खुले समुद्र में पोलॉक, फ्लाउण्डर्स, कॉड अधिक पकड़ी जाती हैं। अटलांटिक तथा प्रशान्त तटों पर अनेक मत्स्य पत्तन विकसित हो गए हैं, जहाँ मछली संरक्षण, सुखाने, डिब्बाबन्दी करने तथा निर्यात करने की सुविधा विकसित हैं। खनिज संसाधन (Mineral Resources)- संयुक्त राज्य एक खनिज सम्पन्न देश है। यहाँ लौह धातु, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, लवण, फास्फेट, गन्धक, पोटाश, सोना, चाँदी, सीसा, जस्ता व मॉलिब्डेनम प्रचुर मात्रा में मिलते हैं, किन्तु मैगनीज, क्रोमाइट, टिन, अभ्रक, बॉक्साइट आदि की कमी है।
-
1.लौह धातु यहाँ विश्व की लगभग 7% लौह अयस्क प्राप्त होती है। इसके उत्पादन के चार प्रमुख क्षेत्र हैं (क) सुपीरियर झील क्षेत्र- यहाँ देश की 80% से अधिक लौह धातु प्राप्त होती है। लोहे की छः प्रमुख श्रेणियाँ स्थित हैं मेसाबी, वरमीलियन तथा किया श्रेणियाँ मिनेसोटा राज्य में, मार्केट श्रेणी- मिशीगन राज्य में तथा गोजेबिक व मिनीमिनी श्रेणियाँ मिशीगन तथा विस्कांसिन राज्यों की सीमा पर स्थित हैं । मेसाबी श्रेणी से झील क्षेत्र की 80% तथा देश की 50% लौह अयस्क प्राप्त होती है। (ख) अलाबामा क्षेत्र- अल्लामा व टेनिस राज्यों में देशों की 10% लौह धातु का उत्पादन होता है। वैसे इस क्षेत्र में देश के 45% लौह भण्डार स्थित है। अल्लामा राज्य में बर्मिघम तथा टैनेसी में चाटानुगा प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है। यहाँ 30-40% लोहा वाली घटिया धातु मिलती है। ग) उत्तरी अप्लेशियन क्षेत्र इसका विस्तार न्यूयार्क, पेन्सिलवेनिया तथा न्यूजर्सी राज्यों में है। इसके दो उपक्षेत्र है एडिरोन्डॉक क्षेत्र, जोकि न्यूयॉर्क में स्थित है तथा कार्नवाल क्षेत्र,जो पेन्सिलवेनिया, न्यूजसी तथा दक्षिणी-पूर्वी न्यूयार्क में स्थित है। यहाँ उत्तम मैग्नेटाइट लोहा मिलता है, किन्तु लौह भण्डार अब खत्म हो गए हैं। (घ) पश्चिमी क्षेत्र -मिसीसिपी नदी के पश्चिम में कैलिफोर्निया, नेवादा, ऊटाह, वार्मिंग आदि राज्यों में इसका विस्तार है। उटाह राज्य के आयरन माउन्टेन व डेडर्ट माउन्टेन क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण उत्पादक हैं।

 2. मैंगनीज़-मोन्टाना, मिनीसोटा, मिशीगन, टेनेसी, कैलिफोर्निया तो वर्जीनिया में भण्डार बिखरे हैं, किन्तु ये घटिया किस्म के हैं।

3. वैनेडियम- विश्व का दो-तिहाई वैनेडियम संयुक्त राज्य के कोलोरेडो, मैक्सिको, ऊटाह, एरिजोना व न्यू मैक्सिको में प्राप्त होता है।

4. निकिल-विश्व का 50% निकिल उपभोग संयुक्त राज्य में होता है, किन्तु उत्पादन केवल 2% है। मिसौरी व रॉकी पर्वतीय राज्य प्रमुख उत्पादक है।

5. मोलिब्डेनम- विश्व का तीन-चौथाई उत्पादन कोलोरेडो, नेवादा, न्यू मैक्सिको, ऊटाह व एरीजोना राज्यों में होता है।

6. तांबा-यहाँ विश्व का 17% तांबा उत्पादन होता है। एरिजोना राज्य में अजो, ग्लोब तथा बिजली प्रमुख उत्पादक है। मोन्टाना राज्य की बुटे पहाड़ियाँ, उटाह में बिंघम मैन्थन नेवादा में ईर्ला तथा अलास्का में चितना घाटी प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं।

7. जस्ता -यहाँ विश्व का लगभग 11% जस्ता उत्पादन होता है। मोन्टानो, इदातो, ऊटाह, कोलोरेडो, न्यूयार्क, विस्कांसिन, इलिनोइस, वर्जीनिया, न्यूजर्सी, ओकलाहोमा, कन्सास व मिसौरी राज्य प्रमुख उत्पादक हैं।

8. टंगस्टन -इदाहो, नेवादा, कोलोराडो व कैलिफोर्निया राज्यों में मिलता है।

9. कोबाल्ट- मोन्टाना, एरीजोना, नेवादा व ऊटाह प्रमुख उत्पादक राज्य है।

10. सोना- यहाँ विश्व का लगभग 17% स्वर्ण उत्पादन होता है। कैलिफोर्निया, डकोटा, कोलोरेडो, एरीजोना, ऊटाह, नेवादा, इदाहो आदि प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।

11. चाँदी-नेवादा, ऊटाह प्रमुख उत्पादक है तथा एरीजोना, मोन्टाना व इदाहो अन्य उत्पादन हैं। यहाँ विश्व का 12% से अधिक चाँदी का उत्पादन होता है।

12. फास्फेट- संयुक्त राज्य विश्व का द्वितीय वृहत्तम फास्फेट उत्पादक देश है। फ्लोरिडा में देश के 60% से भण्डार मिलते हैं। ऊटाह वायमिंग व मोन्टाना अन्य उत्पादक हैं। ऊर्जा संसाधन (Energy Resources)- ऊर्जा संसाधनों की दृष्टि से संयुक्त राज्य एक समूह देश है। यहाँ ऊर्जा के सभी संसाधन प्रचुर मात्रा में मिलते हैं-

1. कोयला -

भण्डारों तथा उत्पादन की दृष्टि से संयुक्त राज्य विश्व का अग्रणी देश है। यहाँ पाँच प्रमुख क्षेत्रों में कोयला उत्पादन होता है-

(क)अप्लेशियन कोयला क्षेत्र- यहाँ देश के दो-तिहाई कोयला भण्डार स्थित है। इस क्षेत्र में महान झीलों तथा हडसन मोहाळ नदियों से सस्ते जल परिवहन की सुविधा प्राप्त है। इस क्षेत्र तीन उप-क्षेत्र हैं (a) उत्तरी क्षेत्र -पेन्सिलवेनिया तथा वीडियो में उत्तम एन्थ्रेसाइट कोयला मिलता है। (b) मध्य क्षेत्र - पश्चिमी वर्जीनिया, पूर्वी केंटुकी तथा टेनिस राज्यों में बिटुमिनस कोयला मिलता है,किन्तु यहाँ परिवहन की कठिनाई है। (c) दक्षिणी क्षेत्र -अलाबामा राज्य के उत्तर में लोहे की निकटता के कारण यह क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है। (ख) आन्तरिक कोयला क्षेत्र -इसका विस्तार मिसौरी-मिसीसिपी घाटी में है। यहाँ बिटुमिनस कोयला प्राप्त होता है। यहाँ देश का केवल 2% कोयला उत्पादन होता है। (ग) खाड़ी तटीय क्षेत्र -यह क्षेत्र टैक्सास, लूजियाना, मिसीसिपी तथा अलबामा राज्यों में विस्तृत हैं। यहाँ लिग्नाइट कोयला बिखरा मिलता है। इसका उपयोग जलयानों में होता है। (घ) उत्तरी मैदानी क्षेत्र -यहाँ का कोयला घटिया है, जो घरेलू उपयोग में आता है। (इ) प्रशान्त तटीय क्षेत्र- यह वाशिगंटन ओरेगन तथा कैलिफोर्निया राज्यों में मिलता है। यह घटिया किस्म का कोयला है, जो जलयानों तथा लघु उद्योगों में काम आता है।

2. पेट्रोलियम-

देश में सर्वप्रथम पेन्सिलवेनिया राज्य के टिटू वाले स्थान पर 1859 में पेट्रोलियम प्राप्त हआ था। यहाँ विश्व का 10% पेट्रोलियम उत्पादन होता है। इसका उत्पादन निम्न क्षेत्रों में होता है (क) अपलेशियन क्षेत्र - इसका विस्तार न्यूयार्क, टेनिस, पश्चिमी वर्जीनिया तथा पेन्सिलवेनिया राज्यों में है। यहाँ उत्पादन बहुत घट गया है। (ख) मध्य महाद्वीपीय क्षेत्र- यहाँ देश का 50% पेट्रोलियम उत्पादन होता है। इसे तीन उप-क्षेत्रों में बाँटा जाता है (a)उत्तरी टैक्सास क्षेत्र, (b) ओकलाहामा-कन्सास क्षेत्र तथा (C) दक्षिणी ओकलाहामा क्षेत्र। (ग) खाड़ी तटीय क्षेत्र -यह देश का द्वितीय बड़ा पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है। इसका विस्तार टैक्सास, मिसीसिपी, लूजियाना तथा फ्लोरिडा राज्यों के खाड़ी तटीय भागों में लगभग 20 किमी0 लम्बी पेटी में है। (घ) कैलिफोर्निया क्षेत्र -लॉस एंजिलीस बेसिन तथा सान जोक्विन घाटी के दक्षिणी एवं भागों में तेल मिलता है। (इ) लीमा- इण्डियाना क्षेत्र -मिशीगन व हिरन झीलों के दक्षिण में इस क्षेत्र का विस्तार है। (च) रॉकी-पर्वतीय क्षेत्र -कनाडा की सीमा से न्यू मेक्सिको राज्य तक विस्तृत इस क्षेत्र में अनेक तेल क्षेत्र बिखरे हैं।मोन्टाना व न्यू मैक्सिको प्रमुख उत्पादक हैं।

3. प्राकृतिक गैस-

टेक्सास, लूजियाना, ओकलहामा, कन्यास,न्यू मैक्सिको व कैलिफोर्निया राज्यों में देश का 90% उत्पादन होता है। टैक्सी व लुधियाना देश का 70% प्राकृतिक गैस उत्पादन करते हैं। गैस वितरण के लिए सम्पूर्ण देश में पाइप लाइनें बिछी हैं।

4.जल-विद्युत-

देश में विभव जल-शक्ति का तीन चौथाई से अधिक विकसित किया जा चुका है। यहाँ विश्व का 12%से अधिक जल-विद्युत उत्पादन होता है। जल-विद्युत का विकास छः प्रमुख क्षेत्रोंमें मिलता है- (क) अपलेशियन क्षेत्र में पीडमोन्ट क्षेत्र की प्रपात रेखा के सहारे, (ख) मध्यवर्ती मैदान (ग) पश्चिमोत्तर क्षेत्र, (घ) उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र, (इ) दक्षिणी रॉकी पर्वतीय क्षेत्र तथा (च) कैलिफोर्निया क्षेत्र।

5.परमाणु ऊर्जा-

यहाँ विश्व की 29% से अधिक परमाणु ऊर्जा का उत्पादन होता है। देश में 108 नाभिकीय रिएक्टर स्थित हैं। प्रथम परमाणु शक्ति संयन्त्र की स्थापना 1951 में पिटसबर्ग के निकट शिपिंग पोर्ट में की गई थी। ओहायो, टेनेसी, कोलम्बिया, कैलिफोर्निया, वाशिंगटन, न्यू मैक्सिको, न्यूयार्क, इदाहो व नेवादा आदि राज्य परमाणु ऊर्जा के उत्पादन में उल्लेखनीय हैं। जनसंख्या (Population) -जनसंख्या के आकार की दृष्टि से संयुक्त राज्य विश्व का तीसरा विशालतम (चीन तथा भारत के बाद ) देश है। इसकी जनसंख्या 3,13.9 मिलियन (2012) तथा जन-घनत्व 33 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है। जनसंख्या का वितरण बहुत विषम है। देश की अधिकांश जनसंख्या मिसीसिपी नदी के पूर्व में संकेन्द्रित है। जनसंख्या का सर्वाधिक संकेन्द्रण देश के उत्तर-पूर्वी चतुर्थांश में मिलता है, जो मिसीसिपी तथा ओहायो नदियों, अटलांटिक महासागर तथा महान झीलों के द्वारा परिसीमित है। दक्षिण में पीडमोन्ट में कुछ विकास केन्द्रों के अपवाद सहित, विरल जनसंख्या मिलती है। पश्चिमी (प्रशान्त) तट पर अधिकांश जनसंख्या लॉस एंजेलिस बेसिन, कैलिफोर्निया की घाटी,तटीय श्रेणियों के मध्य स्थित घाटियों, विडमेट घाटी तथा प्युगेट साउण्ट निम्न भूमियों में संकेन्द्रित है। वस्तुतः 100° पश्चिमी देशान्तर के पश्चिम में शेष देश विरल आबाद ही है, किन्तु इसके कुछ अपवाद-फिनिक्स (एरीजोना), साल्ट लेक सिटी (उटाह),जैसे मरूद्यान नगर हैं, जो सापेक्षः घने आबाद है। संयुक्त राज्य में 79% जनसंख्या नगरीय तथा 99% साक्षर है। यहाँ प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 47310 अमेरिकी डॉलर (2010)है। प्रादेशिक विभाजन भौगोलिक अध्ययन की दृष्टि से संयुक्त राज्य को चार प्रदेशों में बाँटा जा सकता है- (1) उत्तर पूर्व, (2) मध्य-पश्चिम, (3) दक्षिण तथा (4) पश्चिम।

1. उत्तर-पूर्व प्रदेश -इस प्रदेश का विस्तार न्यू इंग्लैण्ड तथा मध्य अटलांटिक राज्यों पर है, जिसके अन्तर्गत देश का 5% भू-क्षेत्र तथा 20% जनसंख्या सम्मिलित है। यह प्रदेश अमेरिका का 'प्रवेश द्वार' (gate ways कहलाता है। यूरोपीय प्रवासी सर्वप्रथम यहीं बसे थे। यहाँ के लोग आज भी मत्सयोत्पादन तथा कृषि कार्य में संलग्न हैं। तटवर्ती एवं आन्तरिक जल-मार्गों के कारण यहाँ व्यापार, वाणिज्य तथा उद्योगों का विकास हुआ। यह प्रदेश विश्व के सर्वाधिक औद्योगिकृत तथा नगरीकृत क्षेत्रों में गिना जाता है। अटलांटिक तट पर फिलाडेलफिया, बोस्टन तथा न्यूयॉर्क नगर अन्त कलापार के केत्र हैं।

कोयले, लोहे तथा तेल की उपलब्धता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई होलीहा एवं इस्पात,
पेट्रोलियम तथा काष्ठ जैसे परम्परागत उद्योग अब भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं, किन्त अधिकांश श्रम कर्ता अब इलेक्ट्रॉनिक, संचार, रसायन, चिकित्सा शोध, वित्त, पर्यटन आदि सेवा उद्योगों में कार्यरत हैं। मध्य अटलांटिक तटीय राज्यों को बहुधा "जंग पेटी" (rust belt) कहा जाता है जो परम्परागत उद्योगों के पतन तथा दक्षिण की ओर स्थानान्तरण के कारण है (दक्षिणवर्ती प्रदेश को सर्य पेटी "sun belt" कहा जाता है)।

2.मध्य-पश्चिमी प्रदेश- इस प्रदेश के अन्तर्गत देश का 20% भू-क्षेत्र तथा एक-चौथाई (25%) जनसंख्या सम्मिलित है। उर्वर मिट्टियों, प्रचुर वर्षा तथा अनुकूल जलवायु के कारण यह प्रदेश का अन्न भण्डार (bread basket) कहलाता है। यहाँ मक्का, गेहूँ, सोयाबीन, मांस तथा दुग्ध उत्पाद प्रमुख कृषीय पदार्थ हैं। उद्योगों में मांस पैकिंग,खाद्य प्रसंस्करण, फार्म उपकरण,खाद्यान्न पिसाई,इस्पात तथा ऑटोमोबाइल प्रमुख हैं। केन्द्रीय स्थिति तथा उत्तम जल-मार्गों के कारण यह प्रदेश व्यापार, परिवहन तथा वितरण का प्रमुख केन्द्र बन गया है। परिवहन की सुविधा के कारण अधिकांश बड़े नगर बड़ी जल- राशियों (नदी, झील) के निकट विकसित हुए हैं, किन्तु मध्य-पश्चिम प्रदेश अब परिवर्तन की ओर अग्रसर है। यहाँ बड़े फार्मों की संख्या घट रही है। अधिकाधिक लोग अब सेवा उद्योगों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

3.दक्षिण प्रदेश- इस प्रदेश का विस्तार देश के एक-चौथाई भू-क्षेत्र पर है तथा देश की एक-तिहाई जनसंख्या यहाँ निवास करती है। गर्म जलवायु, उर्वर मिटियों तथा अनेक प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता ने इस प्रदेश को विकास को प्रेरित किया है। इस प्रदेश में सांस्कृतियों की भिन्नता उपनिवेशकों की विविधता को परिलक्षित करती है। वर्जीनिया में ब्रिटिश विरासत के साथ ही अफ्रीकियों के वंशज तथा मैक्सिको के हिस्पेनिक लोग मिलते हैं। लूजियाना में फ्रेंच-कैनेडियन मूल के कजुन (Cajuns) तथा फ्रेंच स्पेनिश एवं अफ्रीकी मूल के क्रिओल (Creoles) लोग मिलते हैं, जबकि फ्लोरिडा में क्यूबा के हिस्पेनिक लोग अधिक संख्या में मौजूद हैं। दक्षिणी प्रदेश पहले ग्रामीण कृषि क्षेत्र था, अब यह तेजी से बदल रहा है तथा इसमें नगरों का विकास हो रहा है। इसे प्रायः 'सूर्य पेटी' (sub belt) कहा जाती है, क्योंकि यहाँ गर्म जलवायु मिलती है।

इस प्रदेश में कृषि सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक क्रिया थी (कपास, तम्बाकू, फल, मूँगफली, चावल , प्रमुख फसलें थी)। टैक्सास तथा अरकन्सास में पशु पदार्थ अधिक महत्वपूर्ण हैं। ऊर्जा के संसाधनों (तेल, कोयला, गैस, जल-शक्ति) के वृहत भण्डारों के कारण इस प्रदेश में उद्योगों को बल मिला। यहाँ पेट्रोलियम, इस्पात, रसायन, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा पर्यटन प्रमुख उद्योग हैं। इस प्रदेश में अटलांटा वित्त, व्यापार तथा परिवहन का प्रमुख केन्द्र है। मियामी, टैम्पा, न्यू ऑर्लियन्स दूस्टन, डलास, फोर्ट वर्थ तथा सैन-एन्टोनियो विकासोन्मुख मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र हैं।

4.पश्चिमी प्रदेश- इस प्रदेश में संयुक्त राज्य का लगभग आधा भू-क्षेत्र तथा लगभग 20% जनसंख्या सम्मिलित है। इस प्रदेश में स्थलाकृतियों की विविधता दर्शनीय है। यहाँ एक ओर विरल आबाद मरूस्थल हैं तो दूसरी ओर देश का सबसे घना आबाद राज्य कैलिफोर्निया स्थित है, जो उत्तम फार्म भूमियों, पत्तनों तथा मृदु जलवायु के कारण देश में सर्वाधिक तेजी से विकसित होने वाला प्रदेश है। यहाँ स्थित लॉस एंजेलिस देश का द्वितीय वृहत्तम नगर, सांस्कृतिक एवं व्यापारिक केन्द्र है। बीसवीं सदी में पश्चिमी प्रदेश के तीव्र विकास के दो प्रमुख कारक- एयरकनडीशिनिंग तथा
कोलोरेडो नदी से सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता थे। इससे लॉस वेगास, टस्कन, फिनिक्स जैसे आन्तरिक नगरों का विकास सम्भव हुआ। पश्चिमी प्रदेश की आर्थिक क्रियाएँ विविध प्रकार की हैं : जैसे- कृषि, पशुचारण, भोजन प्रसंस्करण, वनोद्योग, मत्स्य उत्पादन, खनन, तेल शोधन, पर्यटन, फिल्म उद्योग तथा कम्प्यूटरों का उत्पादन । यहाँ सिएटल, लॉस एंजिलीस तथा लॉगबीच प्रमुख पत्तन नगर विकसित हो गए हैं, जो एशिया से व्यापार में सक्रिय हैं।

कोई टिप्पणी नहीं :

टिप्पणी पोस्ट करें