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रविवार, 5 जुलाई 2020

कनाडा का प्रादेशिक विवरण

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कनाडा का प्रादेशिक विवरण 

कनाडा (Canada स्थिति एवं विस्तार (Location and Extent) संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तर में कनाडा का विस्तार 9973 हजार वर्ग किमी क्षेत्र पर है। क्षेत्रफल की दृष्टि से कनाडा, रूस के बाद विश्व का सबसे बड़ा देश है। इसका पूर्दी छोर का पियार न्यूफाउण्डलैण्ड द्वीप में स्थित है तथा पश्चिमी छोर माउन्ट सेंट इलियास यूकन टेरिटरी में अलास्का की सीमा के निकट स्थित है इसकी उत्तरी सीमा पर केप कोलम्बिया एल्समियर द्वीप पर आर्कटिक वृत्त से 1850 किमी0 उत्तर में स्थित है तथा दक्षिणतम बिन्दु मिडिल आइलैण्ड है,जो ईरी झील में स्थिल है। इसमें दस प्रान्त (province) हैं। यह एक संघीय राज्य है। इसकी राजधानी ओटावा है।


एतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)- 

लगभग 980 ई0 में एरिक द रेड नामक एक समुद्री लुटेरे (viking) ने यूरोप से ग्रीनलैण्ड यात्रा की थी। इसके 20वर्ष बाद 11000 ई0 में उसके पुत्र लीफ ने न्यूफाउण्डलैण्डद्वीप पर एक बस्ती स्थापित की, फिर उसे छोड़ दिया। लगभग पाँच शताब्दियों के बाद इटली के नाविक कोबोटो (अंग्रजी न केबट) ने न्यूफाउण्डलैण्ट की गहन खोज की। इसके बाद कनाडा में यूरोपीय उपनिदेशन प्रारम्भ
 हुआ, जिसमें इंग्लैण्ड तथा फ्रांस क्षेत्रीय अधिकार स्थापित करने के लिए प्रमुख प्रतिद्वन्द्वी रहे। अन्तिम हिमयुग के बाद एशिया से कुछ लोग उत्तरी अमेरिकी तथा एशिया को जोड़ने वाले पुल को पार करके उत्तरी अमेरिका में बस गए थे इन प्रारम्भिक लोगों में से कुछ कनाडा के स्थलीय आर्कटिक क्षेत्र तथा अलास्का में बस गए। ये लोग एस्किमो लोगों के पूर्वज थे। अन्य उत्तरी अमेरिकी इंडियन लोगों के पूर्वज, क्रमशः दक्षिण की ओर ब्रिटिश कोलम्बिया में प्रविष्ट हुए। हिम पिघलने पर ये लोग कनाडा, में, जहाँ कहीं भी फसलें उगाना सम्भव था, बस गए। 16वीं तथा 17वीं शताब्दियों में जब ब्रिटिश लोग उत्तरी अमेरिका के अटलांटिक तट पर बसने में व्यस्त थे, तब फ्रांसीसी खोजकर्ता कनाडा में आवास स्थापित कर रहे थे। ब्रिटेन तथा फ्रांस दोनों के लिए ही तटों पर मत्स्योत्पादन एवं समूह का व्यापार महत्वपूर्ण था। 17541763 के भारतीय युद्ध में ब्रिटेन के हाथों पराजय होने पर फ्रांस को अपने सभी अमरीकी क्षेत्र ब्रिटेन को सौंपने पड़े। 18वीं शताब्दी के अन्त तक कनाडा में दो विशिष्ट संस्कृतियाँ 'रोमन कैथोलिक' फ्रेंच तथा 'प्रोटेस्टेन्ट इंग्लिश' पनपी। ऊपरी कनाडा (ओन्टारियो प्रान्त) में अंग्रेजी-भाषा लोगों का वर्चस्व था, जबकि निचले कनाडा (क्यूबेक) में फ्रेंच-भाषी लोग बहुसंख्यक थे उत्तर -पश्चिम का प्रदेश,जो रूपर्टलैण्ड कहलाता था, एक ब्रिटिश समूह व्यापारी कम्पनी के अधिकार में था। अगले कुछ दिनों में क्यूबा, माण्ट्रियल तथा टोरन्टो कनाडा के प्रमुख नगरों के रूप में विकसित हुए। तेजी से जनसंख्या में वृद्धि होने पर कनाडा में रेलों तथा नहरों का निर्माण हुआ, तब खोजकर्ता समूर के व्यापार के आकर्षण से पश्चिम की ओर बढ़ने लगे। 1867 में कनाडा एक डोमिनियन बना, जिसमें क्यूबेक, नोवा स्कोशिया तथा न्यू ब्रंसविक प्रान्त सम्मिलित थे। कनाडा ब्रिटिश साम्राज्य का अंग था। ओटावा इसकी राजधानी थी। 1869 में रूपर्टलैण्ड खरीद लेने पर कनाडा क्रमशः विस्तार हुआ। 1871 तक मैनिटोबा, ब्रिटिश कोलम्बिया, प्रिंस एडवर्ड द्वीप आदि पर कनाडा का अधिकार स्थापित होने पर कनाडा का विस्तार अटलांटिक से लेकर प्रशान्त महासागर तक हो गया। इसमें न्यूफाउण्डलैण्ड 1949 में सम्मिलित हुआ। नुनावत टेरिटरी 1999 में उत्तरी पश्चिमी टेरिटरी में से काटकर बनाई गई। 

भू-आकृति (Physiography)- भू-आकृति के विचार से कनाडा को निम्नलिखित छः प्रदेशों में विभाजित किया जाता है-


1. कैनेडियन शील्ड- इसे लारेन्शियन शील्ड भी कहा जाता है। इसका विस्तार लैब्रेडोर, क्यूबेक,ओन्टारियो,मैनीटोबा तथा उत्तरी-पश्चिमी केन्द्रीय प्रदेश के अधिकांश भाग पर है। यह अत्यन्त प्राचीन कैम्ब्रियन युगीन क्षेत्रों से निर्मित है। प्लीस्टोसीन युग में यह क्षेत्र हिमाच्छादित था, यहाँ आज भी हिमनदन से उत्पन्न झीलें तथा दलदल पाई जाती है। 2.आर्कटिक द्वीप समूह- कैनेडियन शील्ड के उत्तर में देश के 8% से अधिक भाग पर आर्कटिक द्वीप समूह स्थित है,जो सदैव हिमाच्छादित रहते हैं। इनमें बैफिन द्वीप विशालतम है। एल्समियर, विक्टोरिया, प्रिंस ऑफ वेल्स, डेवन, पैरी आदि अन्य प्रमुख द्वीप हैं।

3.महान झीलें-सेंट लॉरेन्स निम्न भूमि यह एक समतल मैदान है, जिसका विस्तार 1% कुछ अधिक क्षेत्रों पर है, किन्तु देश की अधिकांश जनसंख्या यहीं संकेन्द्रित है।

4.अप्लेशियन प्रदेश- इसका विस्तार कनाडा के 3.4% क्षेत्र पर नोवा स्कोशिया, प्रिंस एडवर्ड द्वीप, न्यू फाउण्डलेण्ड,
 न्यूब्रंसविक पर है। इसकी अधिकांश गास्पे प्रायद्वीप तथा क्यूबेक के शिखरें 1501270 मीटर ऊँची हैं। गास्पे प्रायद्वीप पर स्थित शिकशोक पर्वत सर्वाधिक ऊबड़-खाबड़ है, जहाँ माउण्ट जैक्स कार्टियर शिखर (1270 मी0) ऊँचा है।

5.आंतरिक मैदान- कैनेडियन शील्ड तथा रॉकी पर्वतों के मध्य आन्तरिक प्रेयरी घास भूमियाँ देश के लगभग 18% क्षेत्र पर विस्तृत हैं। इसका विस्तार ब्रिटिश कोलम्बिया, अलबर्टा, सस्केचेवान तथा मैनीटोबा प्रान्तों पर है।

6.कार्डिलेरा प्रदेश इसका विस्तार कनाडा के लगभग 16% क्षेत्र पर ब्रिटिश कोलम्बिया,यूकन प्रदेश तथा अलबटा के दक्षिणी-पश्चिमी भाग पर है। यह एक जटिल पर्वत क्रम है,जो प्रशान्त तट के सहारे विस्तृत है। इसके पूर्वी भाग में रॉकी पर्वत, दक्षिण में मैकेन्जी पर्वत तथा उत्तर में रिचर्डसन पर्वत स्थित है। 6.कॉर्डिलरा प्रदेश- के आन्तरिक भाग में अनेक लहरदार पठार तथा लघु पर्वत श्रेणियाँ स्थित हैं। 

अपवाह (Drainage)- 

कनाडा में चार प्रमुख अपवाह बेसिन हैं- (1) सेंट लॉरेंस बेसिन, (2) हडसन खाड़ी बेसिन, (3) आर्कटिक बेसिन तथा (4) प्रशान्त महासागरीय बेसिन। इनमें सेंट लॉरेन्स बेसिन महत्वपूर्ण है। यहाँ सेंट लॉरेन्स तथा उसकी सहायक नदियाँ अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होती है। हडसन खाड़ी बेसिन में मैकेन्जी, नेल्सन अल्बनी आदि नदियाँ प्रवाहित होती है। यूकन तथा फ्रेजर नदियाँ प्रशान्त महासागर में प्रवाहित होती हैं। कनाडा की बड़ी झीलें सुपीरियर, मिशिगन, हुरन, ओंटारियो व ईरी हैं, जिनके कुछ भाग संयुक्त राज्य में भी सम्मिलित है। ग्रेट बियर, ग्रेट स्लेव, अथाबास्का, मैनीटोबा तथा विनीपेग अन्य झीलें हैं। 

जलवायु (Climate)- 


कनाडा की जलवायु पर उच्च अक्षांशीय स्थिति. रॉकी पर्वत तथा प्रशान्त एवं अटलांटिक महासागर का प्रभाव पड़ता है। आर्कटिक वृत्त के उत्तर में स्थित कनाडा में कोपेन द्वारा वर्णितः वर्ग की अतिशीत जलवायु भी मिलती है, जिसमें उष्णता माह (जुलाई) में औसत तापमान रहता है तथा जनवरी में -32°C दक्षिणी भाग में प्रधानतः वर्ग की जलवायु पाई जाती है, जिसमें ग्रीष्म ऋतु में औसत तापमान लगभग 25°C तथा शीत ऋतु में 0°C से कम रहते हैं। वर्षा लगभग वर्षपर्यन्त होती है जो शीतकाल में शीतकाल में हिमपात के रूप में होता है। प्रशान्त तट पर शीतोष्ण जलवायु पाई जाती है जह वर्षपर्यन्त वर्षा औसत शीतकालीन तापमान 0 C°-12°C रहते हैं। महान झीलों तथा अपलेशियन के भागों में आर्ट शीतल जलवायु मिलती है। इसमें जनवरी का औसत तापमान-10C तथा जलाई का औसत तापमान लगभग 20° रहता है। कनाडा को पाँच जलवायु प्रदेशों में बांटा जा सकता है.

1. टुंड्रा जलवायु प्रदेश- तार कनाडा के उत्तरी भाग में है। यहां 8-9 मास की लम्बी शीत ऋतु अत्यन्तकार (ठण्डी) होती है। शीत ऋतु में तापमान -20C तक रहते हैं। धरातल सदैव हिमाच्यदित रहता है। ग्रीष्म ऋतु छोटी होती है। औसत तापमान 5°-10°C रहते हैं। वार्षिक 20-25 सेमी होती है, जो अधिकांशतः हिम के रूप में होती है।

2- टैगा जलवायु प्रदेश- ये दोनों खनिज चाँदी के सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होते हैं। कनाडा विश्व का लगभग 15% जसता उत्पादन करता है। ब्रिटिश कोलम्बिया की सुलिवन खान जस्ता व सीसा का विशालतम रहा संस्कार राज्य में विनिपेग झील के उत्तर-पश्चिम में शेरिडन तथा पिलन-फ्लेन क्षेत्र भी महत्वपूर्ण उत्पादक हैं।

5. एस्बेस्टस कनाडा विश्व का द्वितीय वृहत्तम एस्बेस्टस उत्पादक देश है। इसके प्रमुख उत्पादक क्षेत्र क्यूबेक, न्यूफाउण्डटलैण्ड, ब्रिटिश कोलम्बिया तथा यूके हैं।

6. यूरेनियम कनाडा में परमाणु शक्ति का उत्पादन 1965 में आरम्भ किया गया। यहाँ अथाबास्का व हारन झोलों के निकट यूरेनियम के विशाल भण्डार मौजूद हैं। इस क्षेत्र में 'यूरेनियम सिटी स्थापित हो गया है।

7. सोना -कनाडा उत्तरी अमेरिका का आधा तथा विश्व का लगभग 8% सोना उत्पादन करता है। यहाँ स्वर्ण उत्पादन के चार प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है (क) ओन्टारियो क्षेत्र स्वर्ण उत्पादन में कनाडा का अग्रणी क्षेत्र है, जो देश का आधा सोना उत्पादन करता है। पोर्कुपाइन क्षेत्र झील के निकट प्रमुख खदानें स्थित हैं। (ख) क्यूबा क्षेत्र यहाँ कर्कलैण्ड झील के निकट सोना प्राप्त होता है। उत्तर में नोरण्डा खान विश्व प्रसिद्ध है। टिमिन्स स्थित होलिंगर खान विश्व की विशालतम स्वर्ण खदानों में से है। (ग) पश्चिमोत्तर क्षेत्र ग्रेट स्लेव झील से सटा, उत्तर की ओर येलेनाइफ प्रसिद्ध स्वर्णोत्पादक केन्द्र है। (घ) यूकन- यहाँ अब बहुत कम सोना प्राप्त होता है। पूर्ववर्ती-खनिज नगर उजड़ रहे हैं। 8-चाँदी-

कनाडा में विश्व का 15% चाँदी उत्पादन होता है। यहाँ चाँदी उत्पादन के चार प्रमुख क्षेत्र है- (क) ब्रिटिश कोलम्बिया, (ख) ओन्टारियो- क्यूबा, (ग) न्यूबरंस क तथा (घ) न्यूफाउण्डलैंड। प्रमुख खनन केन्द्र- किमबरले के निकट सुलिवन, सडबरी, बाथहर्स्ट तथा एक्सप्लायट नदी क्षेत्र, यूके में डॉसन सिटी है।

 ऊर्जा संसाधन (Energy Resources)-

1. कोयला- पश्चिमी क्षेत्र में अलबर्ट तथा ब्रिटिश कोलम्बिया में तथा पूर्वी क्षेत्र में नोवास्कोशियावन्यूजंसविक में कोयला छोटे क्षेत्रों में मिलता है। पश्चिमी क्षेत्र में लिग्नाइट के भण्डार सस्केचवान में प्राप्त होते हैं, किन्तु पूर्व के औद्योगिक क्षेत्रों से दूरी के कारण इनका कम महत्व है।

2. पेट्रोलियम- कनाडा में पेट्रोलियम का महत्वपूर्ण उत्पादन 1947 के बाद शुरू किया गया। प्रमुख उत्पादक क्षेत्र प्रेयरी प्रदेश के अलबर्ट तथा सस्केचेवान राज्य हैं। दूसरा महत्वपूर्ण उत्पादक क्षेत्र दक्षिणी पश्चिमी मैनीटोबा तथा ब्रिटिश कोलम्बिया का पीस रिवर क्षेत्र है। कनाडा में 3200 किमी0 लम्बी पाइपलाइनों द्वारा तेल का वितरण किया जाता है।
3. प्राकृतिक गैस- दक्षिणी अलबर्ट तथा ब्रिटिश कोलम्बिया के सीमान्त प्रदेश में पीस नदी-घाटी में प्राकृतिक गैस के
भण्डार मिलते हैं। पाइल लाइनों द्वारा इसे परिष्करण के लिए वैंकुअर, टोरन्टो तथा माण्ट्रयल भेजा जाता है।

4.जल-विद्युत (Hydro Electricity) कनाडा की उच्च अक्षांशीय स्थिति के कारण हिमाचसादन अधिक होने के कारण जल शवन किला समुचित विकास सीमित ही है। विभव शक्ति का केवल एक-चौथाई भाग ही विकसित किया जा सका है।

यहाँ जल विद्युत उत्पादन के तीन प्रमुख क्षेत्र हैं -(क) क्यूबिक क्षेत्र- यहाँ कनाडा की आधी जल-विद्युत विकसित है। यहाँ ओटावा, संगुन, सट मारिस, सेंट फ्रांसिस आदि नदियों पर जल-विद्युत केन्द्र स्थापित है। लैब्रेडोर क्षेत्र में हैमिल्टन नदी पर चर्चिल प्रपात से भी जल-विद्युत पैदा की जाती है। (ख) ओन्टारियो क्षेत्र- यमानयाग्रा प्रपात से जल-विद्युत उत्पादन किया गया। निपिगन नदी के कैम्ब्रोन तथा अलेक्जेण्डर प्रपातों से भी जल-शक्ति पैदा की जाती है। (ग) ब्रिटिश कोलम्बिया क्षेत्र- यहाँ फ्रेजर नदी की सहायक नेचाको पर केमानों जल-विद्युत परियोजना के अन्तर्गत एक विशाल बाँध बनाया गया है, जिसका उपयोग निकटवर्ती किगैट नगर के एल्युमिनियम प्रदावक में होता है। पीस तथा कोलम्बिया नदियों से भी जल-विद्युत उत्पादन की अनेक योजनाएँ बनी हैं। कूटेनी, बुल तथा मोल्डस्ट्रीम नदियों के जल प्रपातों से भी जल-विद्युत उत्पादन किया जाता है। कृषि (Agriculture) - विषम धरातल तथा प्रतिकूल जलवायु के कारण कनाडा में कृषि दक्षिण भागों तक सीमित है। जनसंख्या विरल होने के कारण फसलों का निर्यात किया जाता है। बड़े फार्मों पर विस्तृत यान्त्रिक कृषि होती है। बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक पशुपालन किया जाता है। सेंट लॉरेन्स प्रदेश में मिश्रित कृषि प्रचलित है।

फसलों में गेहूँ, जौ व जई प्रमुख खाद्यान्न है। तम्बाकू तथा फल वाणिज्यिक फसलें हैं। कनाडा में बसन्तकालीन गेहूँ की खेती अल्बर्टा ,सस्केचेवान तथा मैनीटोबा राज्यों में होती है दक्षिणी कनाडा के पश्चिमी भाग में जौं तथा पूर्वी भाग में जई उगाए जाते है। सेब तथा अंगूर का उत्पादन नोवास्कोशिया तथा ओन्टारियो झील के निकटवर्ती क्षेत्रों में होता है। प्रेयरी प्रदेश में पशुपालन होता है। 

मत्स्योत्पादन (Fishing)- 

कनाडा मछलियों तथा मत्स्य-उत्पादों के महत्वपूर्ण उत्पादों में गिना जाता है। न्यूफाउण्डलैण्ड के निकट स्थित ग्राण्ड बैंक्स पर बड़ी मात्रा में कॉड, हैरिंग एवं हैडक मछलियाँ तथा प्रचुर मात्रा में लॉब्स्टर एवं स्कैलप्स प्राप्त किए जाते हैं। प्रशान्त तटीय क्षेत्रों से समान तथा हैलीबट मछलियाँ सुखाई तथा डिब्बाबन्द की जाती हैं। यहाँ मछली पैक करने के विशाल संयन्त्र स्थापित किए गए हैं। 

कृषि प्रदेश (Agricultural Regions)-

फसलों तथा कृषि के विशिष्टकरण के आधार पर कनाडा को निम्नलिखित कृषि प्रदेशों में बांटा जा सकता है

1.पूर्वी डेयरी फार्मिंग प्रदेश- इसका विस्तार कनाडा के दक्षिण-पूर्वी भाग पर संयुक्त राज्य की सीमा के सहारे अटलांटिक तट तक है। यह एक संकरी पेटी है, जो वस्तु संयुक्त राज्य की न्यू इंग्लैण्ड दुग्ध पेटी का ही विस्तार है। यहाँ मुख्यतः दूध वाली गाय पाई जाती है। दुग्ध उत्पाद (मक्खन, पनीर आदि) कृषकों की आय के
प्रमुख स्रोत है। सुअर तथा मुर्गियाँ भी पाली जाती हैं पशुओं के आहार के लिए चारा फसलें भी उगाई जाती है। पशु फार्म का वैज्ञानिक ढंग से प्रबन्धन किया जाता है। इसी प्रदेश में स्थित नगरों में देश की अधिकांश जनसंख्या संकेन्द्रित है।


2.प्रेयरी गेहूँ प्रदेश इसका विस्तार संयुक्त राज्य के सहारे सस्केचेवान, मैनीटोबा तथा अलबर्टा प्रान्तों पर है। इस पेटी में देश की 70% कृषि योग्य भूमि स्थित है। उर्वर चरनोजम मिट्टियों तथा शोतोष्ण जलवायु क इस प्रदेश में घास प्रमुख वनस्पति थी, जिसे साफ करके विशाल फार्म बनाए गए। यहाँ गेहूँ की वाणिज्यिक कृषि होती है। विशाल फार्म पर यान्त्रिक कृषि का प्रचलन है।

3. पश्चिमी पशुपालन (रैन्विंग) प्रदेश-

इसका विस्तार प्रेयरी प्रदेश के पश्चिम में है। यहाँ वाणिज्यिक स्तर पर पशुपालन प्रचलित है। यहाँ 30005000 हैक्टेयर आकार वाले विशाल फार्मों पर माँस वाले पशु (मवेशी, भेड़, सुअर) प्रमुखतः पाले जाते हैं। इनमें चमड़ा तथा ऊन भी प्राप्त होते हैं। अण्डों के लिए कुक्कुट (मुर्गी) पालन भी प्रचलित है। पशु फार्मों पर चारा फसलें भी उगाई जाती हैं।

4.मिश्रित कृषि एवं दुग्ध उत्पादन (डेयरी) प्रदेश - इस प्रदेश का विस्तार पश्चिम में प्रेयरी प्रदेश से लेकर पूर्व में अटलांटिक तट तक एक संकरे लम्बाकार क्षेत्र में ओन्टारियो-क्यूबेक प्रान्तों पर है। यहां फसल उत्पादन तथा पशुपालन साथ-साथ प्रचलित है, किन्तु फसलों के उत्पादन में क्षेत्रीय भिन्नता मिलती है सेंट लॉरेन्स बेसिन में गेहूँ, मक्का, चुकन्दर,फल, आलू तथा सब्जियाँ उगाई जाती हैं। गौ पालन तथा मुर्गी पालन भी प्रचलित है। ओन्टारियो प्रान्त में दूध वाली गाए अधिक पाली जाती है। महान झीलें के निकट जल, सब्जियाँ तथा तम्बाकू उगाए जाते हैं।

5. वन व्यवसाय प्रदेश- टैगा वनों में शंकुधारी वृक्षों की अधिकता है, जिनकी कोमल लकड़ी व्यावसायिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ लकड़ी काटना, चीरना आदि व्यवसाय उत्त हैं।

 जनसंख्या (Population) - 

प्रारम्भिक सजावट के समय से ही कनाडा विविध संस्कृतियों की भूमि रहा है। इनुइल (एस्किमो) तथा 'फर्स्ट नेसन्स लोग कनाडा के प्रथम निवासी थे। हजारों वर्षों के बाद यहाँ अंग्रेज तथा फ्रांसीसी लोग आए। फ्रेंच तथा आदिवासियों के मध्य आपसी संपर्क के कारण विशिष्ट मेरिट (Metis) संस्कृति विकसित हुई। यूरोप तथा एशिया के प्रवासियों ने भी कनाडा के सांस्कृतिक मिश्रण में योगदान दिया है। वस्तु कनाडा की सांस्कृतिक समृद्धिता विश्व के सभी कोनों से पुष्ट हुई है। वर्ष 2012 में कनाडा की जनसंख्या 34.9 मिलियन तथा जन-घनत्व 3 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी0 है। देश की 80% जनसंख्या नगरीय है। अधिकांश लोग यूरोपीय मूल के हैं, जो 18वीं से लेकर 20वीं शताब्दी तक यूरोप से यहाँ आकर बसे। 17वीं तथा 18वीं शताब्दी में यहाँ फ्रांसीसी उपनिवेशक आकर बसे थे। क्यूबेक प्रान्त की 80% जनसंख्या फ्रांसीसी मूल की है। देश की 40% जनसंख्या ब्रिटिश मूल की है। यहाँ जर्मनी, इटली, इंग्लैंड, रूस, डेनमार्क, स्वीडन, नार्वे, पोलैण्ड, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन आदि देशों के लोग भी रहते हैं उत्तरी-पश्चिमी प्रदेश तथा यकन में रेड इंडियन तथा इनुइत (एस्किमो) लोग रहते हैं। कनाडा की अधिकांश जनसंख्या क्यूबा तथा ओन्टारियो प्रान्तों में संकेन्द्रित है। अन्य प्रान्त विराट आबाद हैं। देश का औसत जन-घनत्व 3 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी0 मात्र है। विनिपेग-वैकंअर रेल मार्ग के दोनों ओर काफी बस्तियों संकेन्द्रित है। यहां 10-15 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी0 जन-घनत्व पाया जाता है।
 उत्तरी भाग जन-शून्य प्राप्त है, जहाँ 1 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी० से भी कम-जन-घनत्व मिलता है कनाडा में 99% साक्षरता दर मिलती है। प्रति व्यक्ति वार्षिक औसत आय 38370 डॉलर (2010) है। 

भाषाएंँ (Languages) -


कनाडा में दो राजकीय भाषा (अंग्रेजी तथा भेजो प्रचलित हैं। अंग्रेजी भाषा का प्रयान बहुसंख्यक लोग करते हैं (क्यूबेक प्रान्त में फ्रेंच बहुभाषी है)। इसके अतिरिक्त नेटिव इण्डियन लोगों की विविध भाषाएँ अब भी प्रचलित हैं। अप्रवासी लोग अपनी भाषाओं का प्रयोग करते हैं। 

धर्म (Religions)-


रोमन कैथोलिक (42.6%). प्रोटेस्टेंट (23.3%), मुस्लिम (1.9%). यहूदी प्रमुख धम हैो। संस्कृति (Culture) -कनाडा को सुदीर्घ इतिहास तथा सांस्कृतिक विविधता ने देश को एक समृद्ध, कला विरासत तथा साहित्य प्रदान किया है। यहाँ चित्रकला तथा नक्काशी बहुत समृद्ध हा कनाडा के प्रादेशिक विभाग (Regions of Canada)- कनाडा को तीन प्रदेशों में विभाजित किया जा सकता है-अटलांटिक प्रान्त, (2) क्रोड प्रान्त तथा (3) प्रशान्त तटीय प्रांत,यूको, उत्तरी -पश्चिमी क्षेत्र एवं नुनावत।

1. अटलांटिक प्रान्त (Atlantic Provinces) -इसके अन्तर्गत प्रिंस एडवर्ड द्वीप,न्यूविक एवं नोवा स्कोशिया प्रान्त तथा न्यूफाउण्डलैण्ड द्वीप सम्मिलित है। इस प्रदेश के धरातल बहुत ऊबड़-खाबड़ तथा जलवायु कठोर है। जनसंख्या विरल है, जो तटीय नगरों (हैलीफैक्स, सेंट जॉन आदि) में संकेन्द्रित है। नोवास्कोशिया (85%धरातल चट्टानों तथा ऊबड़-खावड़) है। न्यू्ंसविक (90%क्षेत्र घने वनों से ढका). तथा न्यूफाउण्डलैण्ड आदि द्वीप भयंकर तूफानों से ग्रस्त रहने के कारण विरल आबाद हैं। इस प्रदेश में वन उद्योग (काष्ठ, लळे, लुग्दी, कागज) मत्स्य उत्पादन एवं सागरीय भोज्य पदार्थ (Sea food) एवं खनन (जस्ता, चाँदी तथा तांबा) प्रमुख उद्योग हैं। नेवास्कोशिया में वनोउद्योग तथा मत्स्य पालन अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। यहाँ उत्तरी अमेरिका के विशालतम मछली प्रसंस्करण प्लान्ट में से एक स्थापित है। हैलीफैक्स में जलयान निर्माण प्रमुख उद्योग है। न्यूफाउण्डलैण्ड में पहले मत्स्य उत्पादन प्रमुख उद्योग था. अब खनन तथा वनोद्योग एवं जल-शक्ति संसाधन अधिक महत्वपूर्ण हैं।

2. क्रोड प्रदेश (क्यूबा एवं ओन्टारियो) -क्यूबा तथा ओन्टारियो प्रान्त कनाडा का 'हृदय स्थल' कहलाते हैं। ओन्टारियो में कनाडा की विशालतम जनसंख्या मिलती है। ये दोनों प्रान्त कनाडा के राजनीतिक तथा आर्थिक जीवन के केन्द्र हैं। ओटावा देश की राजधानी है। ये दोनों प्रान्त देश का 35% कृषि उत्पादन, 45% खनिज उत्पादन तथा 70% औद्योगिक उत्पादन करते हैं। ओन्टारियो झील के तट पर स्थित ओन्टारियो देश का सर्वाधिक आबादी वाला नगर तथा बैंकिंग एवं वित्तीय केन्द्र है। सेंट लॉरेन्स नदी के तट पर स्थित मार्टियल नगर देश का द्वितीय वृहत्तम नगर है।

3.प्रेयरी प्रान्त (मैनीटोबा, सस्केचेवान एवं अल्बर्ट)- यह प्रदेश उत्तरी अमेरिका के विशाल मैदान का एक भाग है, जो देश के कृषीय उत्पादन का केन्ट है। यहाँ कनाडा का 50% कृषि उत्पादन होता है। उर्र भूमियों के अतिरिक्त प्रेयरी प्रान्त में देश का 60% खनिज उत्पादन भी होता है। अलबटो में देश के वृहत्तम कोयला एवं तेल भण्डार तथा 90% प्राकृतिक गैस मिलती है। यहाँ विविध वों के लोग रहते हैं। मैनीटोबा में स्कॉट-आयरिश, जर्म.स्कैण्डिनेवियाई, यूनियन तथा पोल लोग बड़ी संख्या में मिलते हैं सेंट बोनीफेस नगर में,क्यूबेक के बाट सर्वाधिक फ्रेंच, कैनेडियन आबादी मिलता है। सस्केचेवान में दक्षिण एवं पूर्वी एशिया के प्रवासी
बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।यह 'मेतिस' लोगों की भूमि भी है। जनसंख्या की सर्वाधिक विविधता अलर्ट में मिलती है,यहाँ यूरोप प्रवासियों के अतिरिक्त भारत, जापान,लेबनान तथा वियतनाम मूल के लोग भी पर्याप्त संख्या में मिलते हैं। 4.पृशांत तटीय प्रान्त एवं क्षेत्र (ब्रिटिश कोलम्बिया, यान, उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र एवं नुनावत) ब्रिटिश कोलम्बिया का आधे से अधिक भाग सघन वनाच्छादित है तथा लगभग एक-तिहाई हिमाच्छादित टुण्ड्रा है। प्रदेश की अधिकांश जनसंख्या विक्टोरिया तथा वैकुवर नगरों में संकेन्द्रित है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था वन काटना, खनन तथा जल-विद्युत उत्पादन पर आधारित है। वैकुअर कनाडा का वृहत्तम पत्तन तथा समुद्री व्यापार का केन्द्र है। देश की 41% भूमि तीन क्षेत्रों (territories) के अन्तर्गत है। यूकन टेरिटरी (30,00 जनसंख्या) मानव हस्तक्षेप रहित प्राकृतिक क्षेत्र है। उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र की जनसंख्या 41,000 है। इसके पूर्वी आधे भाग को सम्मिलित करते हुए 1999 में नुमावत क्षेत्र सीमांकित किया गया था। यहाँ कनाडा के इनइत लोग रहते हैं। यहाँ की धरातल विषम तथा जलवायु अत्यन्त कठोर है। यहाँ खनन, मत्स्योत्पादन तथा वनों की कटाई प्रमुख आर्थिक क्रियाएँ हैं। सम्पूर्ण क्षेत्र में बिखरी हुई आबादी तथा प्रकीर्ण बस्तियाँ मिलती हैं।

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