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ब्राजील के संसाधन और आर्थिक विकास

ब्राजील के संसाधन और आर्थिक विकास 

कृषि (Agriculture)- फसल उत्पादन- ब्राजील की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। देश की 9% भूमि कृषि के नीचे है तथा 30% कार्येश में संलग्न है। देश के नाटो में 90% योगदान कृषि उत्पादों का ही है। यहाँ . उपनिवेश काल से ही कृषि हो रही है, किन्तु कृषक उत्पादक तथा अवैज्ञानिक साधनों द्वारा कृषि करते हैं।यहाँ मकका , चावल, मैनिओक (कसावा) तथा गेहूँ प्रमुख खाद्य फसलें हैं, जो स्थानीय खपत के लिए उगाई जाती हैं। नकदी फसलों में कहवा का वृहत्तम उत्पादक एवं निर्यातक देश है।

ब्राजील की 'टेरा रोसा' मिट्टियाँ, प्रवाहित धरातल,जलवायवीय देशाएँ, प्रचुर व सस्ता श्रम कहवें की बागवानी खेती के लिए विकसित है। कपास दूसरी प्रमुख नकदी फसल है। साओ पॉलो राज्य में ब्राजील की 50% कपास उगाई जाती है। कोको के उत्पादन में ब्राजील का स्थान घाना तथा नाइजीरिया के बाद विश्व में तृतीय है। तम्बाकू व फलों की भी खेती होती है। ब्राजील विश्व का वृहत्तम कहवा उत्पादक देश है। विश्व का बृहत्तम कहवा उत्पादक देश है। विश्व का 25 प्रतिशत और दक्षिणी अमेरिका का लगभग 65 प्रतिशत कहवा का उत्पादन ब्राजील में होता है। इसका दक्षिणी-पूर्वी पठारी प्रदेश (साओ पालो तथा मिनासजिरास क्षेत्र)कहवा का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है।

पशुपालन देश की 12% भूमि पर चरागाह विस्तृत हैं,जहाँ पशुपालन प्रमुख व्यवसाय है। यहाँ मवेशी, सुअर, भेड़, बकरियाँ तथा घोड़े प्रमुखतःपाले जाते हैं। कैम्पोस भूमियों में गाय-बैल अधिक पाले जाते हैं। रियो ग्रांडे दो सुल राज्य में देशी भेड़ पालन अधिक प्रचलित है, जबकि दक्षिण के साओ पॉलो तथा मिनास जिरास राज्यों में भेड़ पालन अधिक होता है। खनिज एवं ऊर्जा संसाधन-


ब्राजील में धात्विक तथा अधात्विक खनिजों के विशाल भण्डार मिलते हैं। यहाँ लोह अयस्क मैंगनीज, प्राप्त बॉक्साइट, तांबा, प्लैटिनम, सोना, हीरा, टिन, कोयला, पेट्रोलियम आदि खनिज होते हैं। लौह अयस्क की प्रमुख खनिज सम्पदा है। यहाँ उत्तम श्रेणी की हैमेटाइट धातु
इटाबिरा मिनास गिरेस एवं पारा के काराजास उच्च भूमियों में प्राप्त होती है। ब्राजील दक्षिण अमेरिका की 87% लौह अयस्क का वार्षिक उत्पादन करता है तथा विश्व का लगभग 20% उत्पादन कर लगभग आधी अयस्क यूरोपीय देशों तथा संयुक्त राज्य को निर्यात की जाती है। मैंगनीज.

लाफायते, मिनास गिरेस एवं उत्तर-पूर्वी राज्य माया में प्राप्त किया जाता है। बॉक्साइट

अमेजन के मुहाने पर प्राप्त होता है। तांबा, प्लेटिनम, मूल्यवान रत्न तथा कुछ विटुमिनस,कोयला,मिनास गिरेस एवं अमेजन बेसिन में प्राप्त होते हैं। इन्हीं क्षेत्रों में टिन के विशाल भण्डार भी मिलते हैं।

ब्राजील में पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस तथा कोयले की कमी है। इस कमी को जल-विद्युत द्वारा पूरा किया जाता है। ब्राजील में विश्व के समृद्धतम जल-संसाधन अमेजन तथा ब्राजील के पठार पर बहने वाली प्रताती सदावाहनी नदियों के रूप में प्राप्त होते हैं। प्रतापों के स्थान पर अनेक जल-विद्युत केन्द्र स्थापित किए गए हैं। पराना नदी पर इतेपु परियोजना विश्व की विशालतम परियोजनाओं में से एक है। ब्राजील की 94% ऊर्जा जल विद्युत द्वारा प्राप्त होती है। विगत कुछ वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया विकास गन्ने पर आधारित एल्कोहोल (गैसोहोल) से गैसोलीन उत्पादन के रूप में हुआ है। यह महंगे पेट्रोल का प्रस्थान (substitute) है। इससे ब्राजील की 50% से अधिक कारें चलती हैं। अर्थव्यवस्था (Economy) ब्राजील का भौतिक संसाधन आधार प्रचुर होते हुए भी इसके विभव (potential) का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाया है। औद्योगिक तथा कृषि उत्पादन में विश्व के अग्रणी देशों में गिने जाने पर भी इसका विदेशी ऋण बोझ अधिक है। यहाँ महँगाई की दरें बहुत ऊँची हैं। समाज के प्रत्येक स्तर पर भ्रष्टचार तथा अपराध व्याप्त है। यहाँ धनी तथा निर्धनों के मध्य गहरी खाई (विश्व में सर्वाधिक) मिलती है। हाल के वर्षों में मध्यम तथा निम्न आर्थिक वर्गों का जीवन स्तर गिर गया है। ब्राजील के सीमित विकास का एक बड़ा कारण इसकी अर्थव्यवस्था की शोषणपूर्ण प्रकृति है। पुर्तगाली उपनिवेश बनने के समय से ही आर्थिक आधार की दीर्घकालिन निर्माण की चिन्ता किए बिना अल्पतम समय में अधिकतम लाभ की प्राप्ति मुख्य उद्देश्य रहा है। इसी कारण आर्थिक क्रिया में उतार-चढ़ाव के चक्र अनेक बार आए हैं। प्रथम आर्थिक तेजी सोलहवीं तथा सत्रहवरी शताब्दियों में उत्तर-पूर्व तट पर गन्ने की खेती से दर्ज की गई, किन्तु लैटिन अमेरिका तथा कैरीबियन के देशों से प्रतिस्पर्धा होने पर यह तेजी समाप्त हो गई। द्वितीय तेजी ब्राजील की उच्च भूमियों पर सोने तथा हीरे के खनन के साथ आई,जो भण्डारों के चुकने के साथ समाप्त हो गई। तीसरा चक्र अमेजन प्रदेश के रबड़ उत्पादन से सम्बन्धित है। टायर उद्योग के विकास के साथ ही रबड़ उत्पादन तथा उसके मूल्यों में वृद्धि हुई, किन्तु दक्षिण-पूर्वी एशिया तथा पश्चिमी अफ्रीका में रबड़ की बागवानी खेती विकसित होने तथा सिन्थेटिक रबड़ से स्पर्द्धा के कारण यह तीसरा चक्र भी समाप्त हो गया अमेजन बेसिन में जंगली (प्राकृतिक) रबड़ एकत्र का व्यवसाय ठप्प हो गया। तेजी का चौथा चक्र 1850 के बाद कहवा की खेती से सम्बद्ध रहा। दक्षिणी ब्राजील तथा साओपॉलो की उर्वर ज्वालामुखीय मिट्टियों में कहवा उत्पादन अपने शिखर पर पहुँच गया, किन्तु 1919 में विश्व में कहवे की माँग की अपेक्षा उत्पादन अधिक बढ़ने पर उसके मूल्यों में भारी गिरावट आई। इसके अतिरिक्त कोलम्बिया से भी प्रतिस्पर्धा होने लगी। इससे ब्राजीलव कहवा उद्योग को भारी हानि उठानी पड़ी। उद्योग (Industries)-ब्राजील एक कृषि प्रधान तथा विकासशील देश है। यहाँ औद्योगिक विकास सीमित ही हुआ है, तथापि यह दक्षिण अमेरिका का सर्वाधिक औद्योगिक देश है। इसके उद्योग स्थानीय कच्चे मालों पर आधारित हैं। यहाँ लोहा, इस्पात, सूती वस्त्र, चीनी, रासायनिक, जलयान निर्माण, मोटर-वाहन आदि उद्योग विशेषतः विकसित हैं।

1. लोहा-इस्पात उद्योग रियो-डि-जेनेरो के निकट वोल्टा रेडोण्डा में ब्राजील का वृहत्तम समेकित इस्पात संयन्त्र स्थापित है, जिसका वार्षिक उत्पादन क्षमता 80 लाख मी0 टन है। सान्टोस नगर (साओपॉलो राज्य) तथा इलिंगा (मिनस जिरास राज्य) में छोटे संयन्त्र स्थापित हैं।

2. सूती वस्त्र उद्योग- देश का 52% सूती वस्त्र साओपॉलो तथा 28% गुब्बारा एवं मिनास जिरास में तैयार होता है। ब्राजील से सूती के वस्त्र के निर्यात से ब्राजील को 200 करोड़ डॉलर विदेशी आय प्रति वर्ष प्राप्त होती है।

3.जलयान निर्माण ब्राजील में सैंटोस, रियो-डि-जेनेरो, साल्वेडोर, बेलेभ तथा मनौस में जलयानों का निर्माण होता है।

4. सीमेंट उद्योग- ब्राजील लैटिन अमेरिका का अग्रणी सीमेंट उत्पादक देश है।

5. चीनी उद्योग- विश्व का अग्रणी गन्ना उत्पादक देश होने के कारण यहाँ चीना उद्योग विशेषतः विकसित हो गया है। पराइल, परमाम्बुको,बाहिया, एस्पटों, मिनास जिरास, रियो डि जेनेरो आदि राज्यों में चीनी उत्पादन के प्रमुख केन्द्र हैं।

6.मोटर-वाहन उद्योग ब्राजील ने मोटर-वाहन उद्योग में बहुत प्रगति की है। इस उद्योग के प्रमुख केन्द्र रियो डि जेनेरो, साओ पॉलो, साल्वेडोर तथा रेसिफ हैं।

7. रासायनिक उद्योग- पूर्वी तटीय नगरों में विविध प्रकार के रासायनिक उद्योग (उर्वरक, लुग्दी, कागज, काँच, कास्टिक सोडा, सोडा एश, अम्ल आदि) विकसित हैं।8. पेट्रोलियम शोधन-प्रमुख शोधन शालाएँ साओ पॉलो, बाहिया, अलागोएस, दीजिये,अमेझोनास आदि राज्यों में स्थापित हैं।

9. कागज उद्योग- प्रचुर वन सम्पदा के आधार पर ब्राजील में महानगरों के निकट मोटा कागज, गत्ता, हार्ड-बोर्ड आदि के छोटे कारखाने स्थापित है। कागज का सबसे बड़ा कारखाना मेण्टो अलग्रे में स्थापित है। पराना राज्य में कागज के सर्वाधिक कारखाने स्थित हैं।



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