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रविवार, 5 जुलाई 2020

ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप का भौगोलिक विवरण

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 ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप का भौगोलिक विवरण 


विश्व में ऑस्ट्रेलिया का एकमात्र आवासित महाद्वीप है जो पूर्णरूप से दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है और सभी ओर समुद्रों से घिरा हुआ है। जनसंख्या रहित अंटार्कटिका के अतिरिकत विशव के अनय सभी महाद्वीप किसी न किसी ओर अन्य महाद्वीप से संलान हैं। आस्ट्रेलिया, न्यूजीलण्ड तथा प्रशान्त महासागर में पाये जाने वाले छोटे-बड़े दीपों का दीप समहों को सम्मिलित रूप से ओशीनिया (Oceania) कहते हैं।ऑस्ट्रेलिया ओशीनिया का सबसे बड़ा द्वीप (महाद्वीप) है। न्यूजीलैण्ड के अतिरिक्त प्रशान्त महासागरीय द्वीप को तीन क्षेत्रीय समूहों में वर्गीकृत किया गया हैं- (1) मेलानेशिया, (2) माइक्रोनेशिया, और (3) पोलिनेशिया। इस प्रकार ओशेनिया के अन्तर्गत निम्नांकित देश तथा द्वीप समूह सम्मिलित हैं

1.आस्ट्रेलिया (Australia).

3.मेलानेशिया (Melanasia),

2. न्यूजीलैण्ड (Newzealand),

4. माइक्रोनेशिया (Micronesia), और

5.पॉलीनेशिया (Polynesia)] स्थिति एवं विस्तार (Location and Extent) - ऑस्ट्रेलिया विश्व के सभी सात महाद्वीपों में सबसे छोटा महाद्वीप है जिसका क्षेत्रफल 76.82 लाख वर्ग किमी है। यह पूरी तरह से दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है। इसका विस्तार 1020' दक्षिणी से 43°20' दक्षिणी अक्षांश और 11230' पूर्वी से 153°40'पूर्वी देशान्तर के मध्य है। यह उत्तर तथा पूर्व में प्रशान्त महासागर द्वारा और पश्चिम तथा दक्षिण में हिन्द महासागर द्वारा घिरा हुआ है।

पश्चिम में ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के मध्य तिमोर (Timor) तथा एराफुरा (Arafura) सागर स्थित हैं। उत्तर-पूर्व में ऑस्ट्रेलिया और न्यू गिनी के मध्य टारस जलसंधि (Torres Strait) स्थित है। ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्व में कार्पेन्टरिया की खाड़ी (Gulf of Carpentaria) है। इसके उत्तर-पूर्व में स्थित सागरीय भाग को कोरल सागर (Coral Sea) कहते हैं । दक्षिण-पूर्व में विस्तृत तस्मान सागर द्वारा न्यूजीलैण्ड आस्ट्रेलिया से अलग है। दक्षिण-पूर्व में स्थित तस्मानिया
(Tasmania) द्वीप आस्ट्रेलिया का ही अंग है जो बास जलसंधि (Bass Strait) द्वारा आस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि से पृथक है। ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण में स्थित धंसावयुक्त (चापाकार) समुद्री भाग को ग्रेट ऑस्ट्रेलियन बाइट (Great Australian Bight), के नाम से जाना जाता है। ऑस्ट्रेलिया शब्द की उत्पत्ति आंग्ल भाषा के 'आस्ट्रल' (Austral) शब्द से हुई है जिसका अर्थ है दक्षिण (South)। यह आवासित प्राचीन महाद्वीपों में सबसे दक्षिण में स्थित है। उत्तरी अमेरिका की भारत आस्ट्रेलिया भी एक नवीन बसा हुआ महाद्वीप है जिसकी अधिकांश जनसंख्या यूरोपीय मूल की विशेष रूप से ब्रिटेन से सम्बन्धित है। सम्पूर्ण आस्ट्रेलिया महाद्वीप भारत की भाँति एक संघीय राज्य (Federal State) है। यह कुल 6 राज्यों में विभक्त है जो इस प्रकार हैं- उत्तरी क्षेत्र (Northern Territory),

2.क्वीन्सलैण्ड (Queensland), 3.न्यू साउथ वेल्स (New South Wales), 4.विक्टोरिया (Victoria),

5. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया (South Australia) और 6. पश्चिमी आस्ट्रेलिया (Western Australia)| आस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा (Canberra) इसके दक्षिणी-पूर्वी भाग में स्थित है। उच्चावच (Relief)


आस्ट्रेलिया महाद्वीप गोंडवाना लैण्ड का ही अंश है जो प्राचीन कठोर शैलों से निर्मित है। ये शैलें लगभग 4 करोड़ वर्ष पुरानी हैं। यह लगभग 3.5 करोड़ वर्ष पहले पैलियोजोइक युग में किसी अत्यन्त प्रभावशाली भू संचलन के कारण दक्षिण एशिया (गोण्डवानालैण्ड का अवशेष) से अलग हो गया था। आस्ट्रेलिया का पश्चिमी शील्ड सबसे प्राचीन (लगभग 4 करोड़ वर्ष पुराना है। लगभग 9 लाख वर्ष पूर्व आस्ट्रेलिया के पूर्वी भाग में ग्रेट डिवाइडिंग रेंज (Great Dividing Range) की उत्पत्ति हई। तस्मानिया इसी पर्वत क्षेणी का दक्षिण भाग था। बाद में प्रशान्त महासागर के फैलाव से तस्मानिया द्वीप मुख्य भूमि से अलग हो गया। आस्ट्रेलिया का अधिकांश (94 प्रतिशत) भाग 600 मीटर से नीचा है। इसका मात्र 6
 यह तस्तरीनुमा बेसिन आस्ट्रेलिया का सबसे निचला प्रदेश है। इसके पश्चिम में सिम्पसन मरूस्थल तथा पूर्व में ग्रेट डिवाइडिंग रेंज स्थित है। इसके उत्तर में ईसा पर्वत तथा दक्षिण में बिखरी हुई पर्वत श्रेणियां पायी जाती हैं जो इसे मरे-डार्लिंग बेसिन से अलग करती हैं। एयर झील का समपीवर्ती क्षेत्र सागर से 17 मीटर नीचा है। (iii) मरे-डार्लिंग बेसिन (Murray-Darling Basin)- यह बेसिन अवशिष्ट निचली पहाड़ियों द्वारा एयर बेसिन से पृथक है और महान उत्सुत बेसिन के सबसे दक्षिण भाग में स्थित में स्थित है। इस भाग में मरे और डार्लिग नदियां बहती हैं जो दक्षिण में एनकाउण्टर खाड़ी में गिरती हैं। इस प्रदेश में क्रमिक प्रवेश्य तथा अप्रवेश्य शैलें नीचे की ओर हुई अवस्था में हैं। प्रवेश्य शैलों के माध्यम से भूतल का जल नीचे प्रवेश करता है और अप्रवेश्य शैलों के ऊपर एकत्रित होता रहता है। इस प्रकार यहाँ भूमिगत जल के विशाल भण्डार पाये जाते हैं। इस जलभण्डार तक गहरे कुएं खोदने पर आंतरिक जलभण्डार के दबाव से जल फौबारे के रूप में धरातल पर निकलने लगता है जिसे उत्सुत कूप या पाताल तोड़ कुआं (Artesian Well) कहते हैं। पूर्वी पर्वतीय प्रदेश (Eastern Upland Region) -ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी के समानान्तर उत्तर में यार्क प्रायद्वीप से लेकर दक्षिण में बास जल संधि तक समानान्तर पर्वत श्रेणियां फैली हुई हैं जिन्हें ग्रेट डिवाइडिंग रेंज (Great Dividing Range)के नाम से जाना जाता है। इसे ऑस्ट्रेलिया का पूर्वी कार्डिलरा (Australian Eastem Cordillera)भी कहते हैं। इसका पश्चिमी ढाल साधरण किन्तु पूर्वी ढाल तीव्र है। इन श्रेणियों की उत्पत्ति पैलिओजोइक युग में तटीय भूसन्नति में निक्षेपित मलवा में उत्थान तथा मोड़ पड़ने से हुई। इसमें वलन, भ्रंशन तथा ज्वालामुखी द्वारा निर्मित स्थल रूप पाये जाते हैं। इस पर्वत श्रेणी की ऊँचाई उत्तर में कम और दक्षिण में अधिक है। क्वीन्सलैण्ड (उत्तर) में इस श्रेणी की ऊँचाई 600 से 1000 मीटर है। न्यू साउथ वेल्स (दक्षिण) में इस श्रेणी की ऊँचाई 900 से 1500 मीटर तक है। इसका सर्वोच्च शिखर माउंट कोसिस्को (Mount Kosciusko) है जिसकी सागरतल से ऊँचाई 2230 मीटर है। न्यू साउथ वेल्स में इन पर्वतों नीला पर्वत (Blue Mountain) कहते हैं। पर्वतों के शिखर कठोर ग्रेनाइट से निर्मित हैं। पूर्वी तट पर तीव्र ढाल वाले कगार, गहरे गार्ज तथा भृगु (Cliff) पाये जाते हैं। दक्षिण में तस्मानिया गुम्बदाकार पर्वतीय प्रदेश है जिसका धरातल अत्यन्त विदीर्ण है। यह धरातलीय स्वरूप हिमानी क्रिया का परिणाम है। ग्रेट डिवाइडिंग रेंज के दक्षिणी भाग में स्थित अनेक शिखर शीत ऋतु में हिमाच्छादित रहते हैं किन्तु ग्रीष्म ऋतु में प्रायः हिम पिघल जाती है। तटीय मैदान (Coastal Plains)- ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के तटीय भागों में निचले समतल मैदान पाये जाते हैं। चौड़े समतल मैदान दक्षिणी भाग में ग्रेट ऑस्ट्रेलियन बाइट के तटीय भागों में मिलते हैं जिसे नुल्लारबार मैदान (Nullarbor plain) कहते है। इसका विस्तार पश्चिम में फ्रिज रेंज से पूर्व में स्पेंसर खाड़ी तक है। पश्चिमी तट पर लीउविन अंतरीप (Cape Leeuwin) से लेकर कैम्ब्रिज खाड़ी तक संकरे तटीय मैदान मिलते हैं जो छोटी-छोटी नदियों के निक्षेप तथा सागरीय निक्षेप से निर्मित हैं। उत्तर में कार्पेन्टरिया खाड़ी के तीनों ओर अपेक्षाकृत चौड़े तटीय मैदान हैं जिनके निर्माण में इस खाड़ी में गिरने वाली नदियों के निक्षेप का महत्वपूर्ण योगदान है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर ग्रेट डिवाइडिंग रेंज के स्थित होने के कारण तटीय मैदानों का लगभग अभाव है अथवा वे अत्यंत संकरे हैं।

3. अपवाह (Drainage)- ऑस्ट्रेलिया के अपवाह क्षेत्र को 5 भागों को में विभक्त किया जा सकता है। - (1) पश्चिमी अपवाह (2) उत्तरी अपवाह (3) पूर्वी अपवाह (4) दक्षिणी अपवाह और (5) आंतरिक अपवाह। इनका
प्रतिशत भूभाग ही 600 मीटर से ऊँचा है। इसका पूर्वी तटीय भाग तथा पश्चिम का आंतरिक भाग ऊँचा है तथा औधिकांश भू-भाग नीचा और समतल हैीं आस्ट्रेलिया को निम्नलिखित भौतिक विभागी मे विभक्त किया जा सकता है। (1) पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया शील्ड (Western Australian Shield),

(2) महान उत्स्रुत बेसिन (Great Artesian Basin),

(3) पूर्वी पर्वतीय प्रदेश (Eastem Upland Region).

(4) तटीय मैदान (Coastal Plains)| पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया शील्ड (Western Australian shield)

ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप का आधे से अधिक पश्चिमी भाग अति प्राचीन आस्ट्रेलियन शील्ड के अंतर्गत सम्मिलित है। इसका विस्तार पश्चिम में हिंद महासागर से लेकर आंतरिक भाग में मैकडानेल पर्वत क्षणी तक है। इस शील्ड का विस्तार लगभग 45 लाख वर्ग किमी क्षेत्र पर है। इस शील्ड का लगभग 50 प्रतिशत भाग 300 मीटर से कम ऊँचा है। यह एक विरदित पठार के रूप में विद्यमान है जो कटी-फटी दरार द्वारा छोटे-छोटे खंडों में विभक्त है। इस प्रकार इस विस्तृत शील्ड पर अनेक उंचे-नीचि भूभाग पाये जाते हैं जिसका विवरण निम्नलिखित है (i) आंतरिक उच्च प्रदेश (Inner uplands)- पश्चिमी आस्ट्रेलिया शील्ड के आंतरिक भाग में कई उच्च भूमियां पायी जाती हैं जिसकी ऊँचाई 600 मीटर से अधिक है। आस्ट्रेलिया के मध्य में मसग्रेव श्रेणी, मैकडानेल क्षेणी, जेम्स क्षेणी और आपेथेल्मिक श्रेणी स्थित है। (ii) निम्न प्रदेश -,(Lowlands) इसके अन्तर्गत कई निचली बेसिन सम्मिलित जो उच्च भूमियों द्वारा एक दूसरे से पृथक हो गयी हैं। सबसे दक्षिण में युक्ला बेसिन (Eucla Basin) स्थिति है जिसे नूलारबोर मैदान (Nullarbor Plain) कहा जाता है। पश्चिम में सैलीनालैण्ड (salinaland) नामक समतल मैदान है जहाँ प्राचीन बेसिनें लवणीय शैलों से आच्छादित हैं। उत्तर में बर्नहेम (Barnhem) तथा किम्बरले पठार की सपाट भूमि है। (ii) मरूस्थल (Deserts)- ऑस्ट्रेलिया शील्ड का अधिकांश भाग मरुस्थल है। इसके अन्तर्गत महान रेतीला मरूस्थल (Great Sandy Desert), गिबसन मरूस्थल (Gibson Desert) और महान विक्टोरिया मरूस्थल tu(Great Victoria Desert) का विस्तार अधिक है। सबसे पूर्व में सिम्पसन मरूस्थल (Simpson Desert) है जो महान उत्सुत बेसिन के पश्चिमी भाग में स्थित है। महान उत्सुत बेसिन (Great Artesian Basin) - यह विश्व का सर्वाधिक विस्तृत उत्सुत बेसिन है जो पश्चिम भाग और पूर्व में ग्रेट डिवाइडिंग रेंज (पूर्वी उच्च प्रदेश) के मध्य स्थित है। यह उत्तर में कार्पेटरिया की खाड़ी से लेकर दक्षिण में स्पेंसर खाड़ी (Spencer Gulf) तथा एनकाउन्टर खाड़ी (Encounter Bay) तक है। इसके पश्चिम में म्यलर पठार, बर्कर पठार, मैकडानेल श्रेणी तथा गालर श्रेणी स्थित है। उत्सूत बेसिन को उत्तर से दक्षिण की ओर तीन भागों में विभक्त किया जा सकता है - (¡) कार्पेन्टरिया बेसिन, (ii) एयर बेसिन, और (ii) मरे-डार्लिंग बेसिन। कारपेंटरिया बेसिन (I)(Carpenteria Basin)- इसका विस्तार रोपर नदी से लेकर ईसा पूर्व तक है। यह ईसा उच्चभूमि द्वारा एयर बेसिन से पृथक है।

(ii) एयर बेसिन (Eyre Basin)-विवरण निम्नलिखित हैं-

(1) पश्चिमी अपवाह (Western Drainage) -इसके अंतरगत वे नदियाँ सम्मिलित हैं जो पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की उच्च भूमि से निकलती हैं और पश्चिम की ओर प्रवाहित होती हुई हिन्द महासागर में गिरती हैं। मुचीसन, गैसकाडन, एशबर्टन, फार्टेस्कयू, फिट्जराय आदि इस अपवाह की प्रमुख नदियाँ हैं। (2) उत्तरी अपवाह (Northern Drainage) - इसके अंतर्गत कैम्ब्रिज खाड़ी से लेकर केपयार्क तक की नदियाँ सम्मिलित हैं जो उत्तर की आर प्रवाहित होती है और तिमोर सागर अथवा कारपेंटरिया की खाड़ी में गिरती हैं। विक्टोरिया, शेयर, फ्लिंडर्स, गिल्बर्ट, मिचेल आदि उत्तर की ओर प्रवाहित होने वाली नदियां है। (3) पूर्वी अपवाह (Eastern Drainage) - ग्रेट डिवाइडिंग रेंज से निकलने वाली छोटी-छोटी नदियाँ पूर्वी ढाल से नीचे उतरती हैं और प्रशांत महासागर में गिरती हैं। ये नदियाँ अत्यंत छोटी तथा तीव्रगामी हैं।

दक्षिणी अपवाह (Southern Drainage).

इसके अंतर्गत मरे-डार्लिंग का विस्तृत बेसिन सम्मिलित है। इसके पश्चिम में फ्लिण्डर्स पर्वत श्रेणी तथा सिम्पसन मरुस्थल और पूर्व में ग्रेट डिवाइडिंग रेंज स्थित है। 2595 किमी लम्बी मरे नदी (Murray River) ऑस्ट्रेलिया की अत्यंत महत्वपूर्ण नदी है जो पूर्वी विकटोरिया के कोस्सिको पठार (Koschisko) से निकलती है और विक्टोरिया तथा न्यू साउथ वेल्स की सीमा के सहारे प्रवाहित कई अलेक्जेन्ड्रीना झील (Alexandrina Lake) से होती हुई एनकाउंटर खाड़ी में गिरती है। डार्लिंग तथा मुरूम्बिदजी इसकी सहायक नदियाँ हैं। डार्लिंग नदी (Darling River)- ग्रेट डिवाइडिंग श्रेणी तथा डार्लिंग डाउन्स (Darling Downs) से निकलकर दक्षिण-पश्चिम की ओर बहती हुई दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के सीमा के समीप मरे नदी में मिल जाती है। इसकी लम्बाई 2723 किमी है। मुरुम्बिदजी नदी (Murrumbidgee) ग्रेट डिवाइडिंग श्रेणी से कैनबरा के निकट से निकलती है और 1525 किमी की दूरी तय करने के पश्चात मरे नदी में मिल जाती है। यह लगभग 800 किमी तक

नौगम्य है। (5) आंतरिक अपवाह (Inland Drainage) - ऑस्ट्रेलिया के विस्तृत भीतरी भाग का अपवाह आंतरिक प्रकार का है जिसका विस्तार ऑस्ट्रेलिया के लगभग 50% भूभाग पर है। ये नदियां ग्रेट डिवाइडिंग श्रेणी के पश्चिमी ढाल अथवा आंतरिक भाग की उच्च भूमियों से निकलती है और अस्थायी प्रकृति की हैं जो केवल वर्षा ऋतु में प्रवाहित होती हैं और ग्रीष्म ऋतु में सुख जाती हैं। ये नदियां भीतरी झीलें तक पहुँचती हैं अथवा मार्ग में ही मरूस्थलीय भागों में सूख जाती हैं। झीलें में एयर (Eyre Lake) सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण हैं जो दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी-पूर्वी भाग में फ्लिण्डर्स श्रेणी के उत्तर में स्थित है। इसका विस्तार लगभग 9300 वर्ग किमी0 क्षेत्र पर है किन्तु इसकी अधिकतम गहराई 1.22 मीटर है। इसके सूखने पर नमक की परतें ज़्मी मिलती हैं। इस झील में गिरने वाली नदियों में डायमनटीना, जार्जिन, माकूम्बा आदि उल्लेखनीय हैं। पूर्व में स्थित बुलू बेसिन अपेक्षाकृत छोटा अपवाह क्षेत्र है।

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