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सोमवार, 6 जुलाई 2020

1930 के दशक में हुई विश्व आर्थिक मंदी के प्रभाव से निपटने में संयुक्त राज्य अमेरिका का न्यूडील कार्यक्रम

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 1930 के दशक में हुई विश्व आर्थिक मंदी के प्रभाव से निपटने में संयुक्त राज्य अमेरिका का न्यूडील कार्यक्रम 


 अमरीकी न्यू डील नीति प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात् 1930 के दशक में आर्थिक मंदी ने अपना भयानक रूप ले लिया। जो अमेरिका के राष्ट्रपति एफ० डी० रुजवेल्ट के सामने एक गम्भीर चुनौती थी। इस संकट से निजात पाने हेतु श्री रूजवेल्ट ने एक नीति अपनायी जो "न्यू डील नीति" के नाम से विश्व के इतिहास में उल्लेखित है। वैसे सामान्यतः यही समझा जाता है कि इस नीति के जनक श्री रुजवेल्ट थे, किन्तु वास्तविकता यह है कि वुडरो विल्सन एवं ध्योडर रूजवेल्ट द्वारा शुरू की गयी इस नीति को एफ० डी० रुजवेल्ट ने बढ़ाया न्यू डील की कोई ठोस परिभाषा नहीं है, बल्कि एफ० डी० रुजवेल्ट के प्रथम दो कार्यकाल के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति के रूप में आर्थिक मंदी विरोधी के लिए एक लेबल बनाया गया था। संक्षेप में न्यू डील नीति राहत, घनाभ (रिकॉवरी) और सुधार का कार्यक्रम था। राहत करोड़ों अमरीकियों को देने का कार्यक्रम था, जिन्हें भोजन और पैसों की दरकार थी। पुनर्लाभ का उद्देश्य आर्थिक मंदी से निजात दिलाना था तथा सुधार से अमरीकी समाज में व्याप्त दोषों को दूर करना था। इस कार्य रूप देने के पूर्व श्री रूजवेल्ट ने उन तीन व्यक्तियों तथा हैरॉल्ड आइक्स (गृह सचिव) हेनरी ए बैलेश (कृषि सचिव) और फ्रांस पार्किन्स (सामाजिक कार्यकर्ता) का एक निकाय बनाया जो श्रेन ट्रस्ट" के नाम से सर्वविदित था। आगे उसने (रुजवेल्ट ने) घोषणा की "हमें जिस चीज से भय है, यह खुद भय है और आर्थिक मंदी को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का वादा किया। वैसे तो न्यू डील कार्यक्रम के अन्तर्गत सुधार पुनर्लाभ (रिकॉवरी) एवं राहत थे, लेकिन इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के वास्ते उत्साहित होकर जोर नहीं दिया गया। नर के तौर पर प्रथम दो वर्षों के दौरान राहत और प्रलाप पर ही जोर दिया गया। वर्षों बाद सुधार को कार्य रूप में लाया गया। इसका विवरण इस प्रकार है-

1. राहत कार्यक्रम इस राहत कार्यक्रम के अन्तर्गत निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं-

1. संघीय आपातकाल राहत प्रशासन-जब एच० डी० रूजवेल्ट ने राष्ट्रपति का पद ग्रहण किया है तो उस समय उसका ध्यान 15 मिलियन उन बेरोजगारों की तरफ गया जो भुखमरी के कगार पर पहुँच चुके थे। इस समस्या के समाधान हेतु अमरीकी प्रथम न्यू डील कांग्रेस ने 1933 ई० में संघीय राहत प्रशासन की स्थापना की जिसने राज्यों और स्थानीय अधिकारियों को बेरोजगारों के आर्थिक मदद हेतु ऋण दिया। अक्टूबर 1933 में संघीय सरकार ने संघीय आपात्काल राहत प्रशासन की एक शाखा के रूप में नागरिक कार्य प्रशासन की स्थापना की है। इसके द्वारा उन लोगों को काम दिया गया जो सिर्फ राहत पर जी रहे थे।

2. कार्य-विकास प्रशासन-बेरोजगारी स्पष्टतः स्थायी होने जा रही थी बेरोजगारों को काम देने के लिए कांग्रेस ने कार्य विकास प्रशासन स्थापित किया, जो स्थानीय अधिकारियों का सीधा राहत था। अप्रैल 1933 में कांग्रेस ने एक राहत अधिनियम पास किया, जिसने उपयोगी पोज देकर और रोजगार बढ़ाकर राहत दिया। सरकार द्वारा कलाओं को आश्रय देने का उक्त कार्यक्रम एक सफल उदाहरण है 1935 और 1941 के मध्य कार्य-विकास प्रशासन ने दो मिलियन लोगों पर ।। बिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च किया। हालांकि यह कार्यक्रम द्वितीय विश्व युद्ध तक जारी रहा।

3. सैनिक संरक्षण दल-18 से 25 की उम्र के युवाओं को अस्थायी काम देने के लिए असैनिक संरक्षण दल बनाया गया।II .पुनर्लाभ (रिकॉवरी) योजना अमेरिका न्यू डील द्वारा पर लाभ को कार्यान्वित करने के उद्देश्य से निम्नलिखित कार्य किए गए-

1. वित्तीय पुनर्निर्माण आयोग-राष्ट्रपति हुवर के कार्यकाल में ही वित्तीय पुनर्निर्माण आयोग का गठन किया गया था। इसे चालू रखने के लिए वर्तमान राष्ट्रपति रुजवेल्ट को अनुमति दी गई और बहुत सारे कार्य करने के लिए इन्हें अधिकृत किया गया। पहले के कार्यों के अतिरिक्त उद्योगों, रेलरोड एवं बैंकों को ऋण दिया गया। 1936 तक आयोग ने 1000000000 डॉलर ऋण प्रदान किया गया।

2.बैंकिग और वित्त-राष्ट्रपति रुजवेल्ट के प्रथम कार्यकाल के दौरान सम्पूर्ण वित्तीय तन्त्र लड़खड़ा चुका था। बहुत सारे बैंक बन्द हो चुके थे छोटी-छोटी बचतों को प्रोत्साहन देने हेतु एक निगम स्थापित किया गया। इसके अलावा आपात् बैंकिंग अधिनियम पारित किया गया जिसके तहत् राष्ट्रपति को पुनः बैंक खोलने का अधिकार दिया गया। बैंकों के प्रति लोगों का विश्वास जगा लोगों ने बैंकों में पैसा जमा करना प्रारम्भ कर दिया। बैंकों की सट्टेबाजी पर प्रतिबन्य लगाने के लिए रुजवेल्ट ने ग्लास-स्टिगल अधिनियम पर हस्ताक्षर किए। जिसने एक संघीय जमा बीमा निगम का सृजन किया। इस निगम ने बैंक के असफल हो जाने की स्थिति में लघु जमाकर्ताओं को हानि की मरपाई के लिए बौमित किया फिर राष्ट्रपति ने सात सदस्यों की एक परिषद का गठन किया परिषद् के इन सदस्यों को सूद की दर निर्धारित करने के लिए अधिकार सौंपा गया। स्टॉक मार्केट पर नियन्त्रण करने के लिए अमरीकी कांग्रेस ने एक सेक्युरिटीज़ कमीशन" का गठन किया।

3.कृषि समायोजन प्रशासन-प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के समय से ही अमरीका की कृषि मृतप्राय हो चुकी थी। जब रुजवेल्ट राष्ट्रपति के पद पर आसीन हर थे. उस समय कृषक विद्रोह की मुद्रा में थे। हुआ यह कि जरूरत से ज्यादा कृषि उत्पाद बढ़ गया। बाजार में उसकी बिक्री मंद पड़ गई। किसान आर्थिक तंगी से जूझने लगे। इस समस्या से छुट कारा पाने के लिए "कृषि समायोजन अधिनियम" पारित किया गया।

4.राष्ट्रीय पुनर्लाभ अधिनियम-राष्ट्रीय पतलाभ अधिनियम अमरीकी कांग्रेस द्वारा 1933 में पारित किया गया जो पुनर्लाभ योजना को प्रभावित करने का एक अथक प्रयास था। इस अधिनियम से व्यापार, मजदूर एवं सरकार के बीच सहयोग सुनिश्चित करने और मजदूरों को वापस काम पर भेजने की कोशिश की गई। इसका ठ्देश्य मजदूरी बढ़ाकर और काम के घण्टों को घटाकर एवं बाल श्रम पर प्रतिबन्ध लगाकर मजदूरों के लिए काम की शर्तों को सुधारना था।

5. ट्रेड यूनियन को प्रोत्साहन-सन 1935 ई० में कांग्रेस ने 'वैग्नर अधिनियम पारित किया जिसका उद्देश्य था यूनियन की मान्यता प्रदान करने के लिए नियोक्ताओं को बाध्य करना, जिन मजदूर संगठनों का बहुमत हो ताकि अधिक काम के घण्टों और मजदूरी सम्बन्धित विवादों को मेल-जोल से सुलझाना।

6. भूमि संरक्षण अधिनियम-अमरीकी कांग्रेस ने "कन्जरवेशन एण्ड डोमेस्टिड एलॉटमेन्ट एक्ट" पारित किया। इस एक्ट के अन्तर्गत किसानों का सभी महत्त्वपूर्ण भुगतानों को जारी रखा गया। परिणाम खनिजों का उत्पादन पुनः बढ़ने लगा।

7. नये कृषि समायोजन अधिनियम-सन 1938 ई० में कांग्रेस ने नव कृषि समायोजन अधिनियम पारित किया जिसको पुराने कृषि समायोजन अधिनियम के साथ भूमि संरक्षण अधिनियम को एक साथ कर दिया गया।

8. पुनर्वास प्रशासन और सुरक्षा अधिनियम-सन् 1936 में पुनर्वास प्रशासन और 1937 में इसके वारिस कृषि सुरक्षा ने पुनर्वास के लिए भूमि क्रय हेतु अल्पकालीन ऋण देना प्रारम्भ किया।

9.सूखा और धूल पर नियन्त्रण- सन् 1933-34 ई० में दक्षिण का मैदान भारी सूखा से जूझने लगा और ऐसा महसूस किया गया कि दक्षिण का यह भाग रेगिस्तान में तब्दील हो सकता या। इस समस्या से निजात पाने हेतु कांग्रेस ने किसानों को बीज और पशु देने का प्रावधान रखा। किसानों को 190 मिलियन युक्षों को 'शेल्टर बेल्ट में लगाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। 10 स्वर्ण मानदण्ड का परित्याग-मूल्य को स्थिर रखने के उद्देश्य से रूजवेल्ट प्रशासन ने स्वर्ण मानदण्ड का परित्याग किया। राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने डॉलर का 59-66% स्वर्णमान स्थित कर दिया। अमरीकी कांग्रेस ने रजत खरीदारी अधिनियम पास किया, जिसके तहत् चाँदी की खरीदारी होने लगी। इसके फलस्वरूप शीघ्र ही अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा स्वर्ण और रजत आपूर्तिकर्ता बन गया।

आधार कार्यक्रम रूजवेल्ट प्रशासन के न्यू डील पद्धति के अन्तर्गत III.सुधार कार्यक्रम सामाजिक कल्याण से ओत-प्रोत था, जिसके तहत् निम्नलिखित कदम उठाए गए-

1.सामाजिक सुरक्षा अधिनियम-रुजवेल्ट ने 1935 में एक सामाजिक सुरक्षा अधिनियम पारित किया। इस अधिनियम के तहत विकलांगों और बेरोजगारों को वित्तीय सहायता दी गई तथा इन्हें बौमित किया गया। श्रमिकों के परिवारों के लिए घर का प्रबन्ध किया गया। प्रगतिशील प्रशासन द्वारा हैरी हॉपकिन्स के कार्यकाल के दौरान अनेक परियोजनाओं को पूरा किया गया। अमेरिका में राष्ट्रीय प्रशासन स्थापित किया गया। 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को वृद्धा पेंशन दी गई।

2.टेनेसी घाटी प्रधिकरण- मई 1933 f० में कांग्रेस ने टेनेसी घाटी प्राधिकरण की स्थापना की। इस प्राधिकरण द्वारा देश को सस्ती कीमत पर पनबिजली प्रदान करना था। इस प्राधिकरण से पुग्ने पाँच बाँधों को सुधारा गया। बीस नये बाँध बनाए गए, जिसमें मसलशीत बाँध था इसने हाइड्रो-इलेक्ट्रीक स्टेशन स्थापित किया और उद्योगों और किसानों से सस्ती दरों पर बिजली का विक्रय किया। अन्तर्देशीय जल मार्ग का निर्माण किया गया जिसकी लम्बाई 652 मील थी। मिट्टी के कटाव को रोकने हेतु बड़े पैमाने पर उपाय ये गए। फॉस्फेट खाद का उत्पादन किया गया और किसानों को दिया गया। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इस प्राधिकरण द्वारा युद्ध के हथियार एल्युमीनियम और प्लूटोनियम उत्पादन करने, संयंत्रों को पन्विजली निरन्तर मिलती रही। यह टेनेसी घाटी प्राधिकरण अमेरिका के सात राज्यों जो गरीबी से ग्रस्त लोग थे, कार्यरत् था। जिससे 20,00,000 लोग लाभान्वित हुए। इस प्राधिकरण से पनबिजली ठत्पादन के साथ-साथ बाढ़ पर भी नियन्त्रण किया गया किसानों को सस्ती बिजली मिलने से कृषि उत्पादन में अभिवृद्धि हुई तथा वृक्षारोपण को प्रोत्साहन मिला।

3.आवासीय समस्या-जून 1933 ई० में "गृह-स्वामी प्राण निगम" की स्थापना की गई। इसके अन्तर्गत तीन वर्षों के अन्दर निर्धन गृह स्वामियों को तीन बिलियन डॉलर प्राण दिया गया। 1934 में संघीय गृह-प्रशासन की स्थापना की गई। इसका मुख्य कार्य गृह-निर्माण तथा परों की मरम्मत करना था।

4. रेल-रोड-रेल-रोड यातायात अधिनियम जून 1933 में पारित किया। इस अधिनियम ने यातायात के संघीय नियामक प्रदान किया जिसका मुख्य कार्य था फालतू प्रतियोगिता को समाप्त करना, ट्रेन सेवा के साथ सामंजस्य स्थापित करना। ना रेल रोड उपकरण खरीदने के लिए और उनके सेवाओं में सुधार को प्रभावित करने के वास्ते पुनर्निर्माण वित्तीय निगम से लिए गए प्राण का सदुपयोग इसमें किया गया।

5. अन्य सुपर-लोगों को पेटेंट वाली दवाओं और भोजन के अन्य सामग्रियों के धोखेबाज विज्ञापनों से बचाने के लिए एक शुद्ध भोजन और दया अधिनियम बनाया गया। अमरीकी प्राकृतिक सम्पदाओं को दुरुपयोग पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए 1934 में 'राष्ट्रीय सम्पदा परिषद ने देश के राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधनों का सर्वेक्षण करवाया। सन् 1934 में टेलर ग्रेडिंग अधिनियम" पारित किया, जिसके तहत् चरागाह पाले जमीन को सार्वजनिक जमीन घोषित किया गया उसी साल इंडियन पुनर्गठन अधिनियम पारित किया गया। इसके द्वारा इण्डियनी के प्रदेश, प्रधाएं और स्वतन्त्रताओं की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान दिया गया। फिर रुजवेल्ट में कृषि प्राण प्रशासन की स्थापना की। कांग्रेस ने इसे काफी कोष प्राप्त किया। दो वर्षों के भीतर संयुक्त राज्य 15 कृषक ने भूमि बंधक रखकर प्राण लिया. जो कृषक प्रण भुगतान करने में अक्षम होते उन्हें भूमि से बेदखल नहीं करने हेत 1933 में "एरेजिपर लोम्ड फॉर्म बैंकरूप्टसी अधिनिम" पारित किया गया।

न्यू डील पद्धति का मूल्यांकन- रूजवेल्ट के न्यू डील पद्धति की मूल प्रकृति न सिर्फ वित्तीय संरक्षणवाद था, बल्कि राजनीतिक संरक्षणवाद भी, फिर भी वित्तीय और आर्थिक समस्या का कोई स्थायी हल भी नहीं था, क्योंकि जमीनी समस्या (आम लोगों की समस्या) के प्रति इसकी भूमिका काफी क्षीण और तुच्छता पर आधारित थी। यही कारण है कि इसे अवसरवाद की संज्ञा दी जाती है, क्योंकि आम लोगों की समस्या निपटाने के बजाय सस्ती लोकप्रियता हासिल की मानसिकता साफ साफ दिखाई देती थी। फलतः इसका जो कुछ भी अच्छा परिणाम हुआ, उसका लाभ बड़े-बड़े उद्योगपतियों, किसानों और व्यापारियों को मिला। नौकरशाही का विस्तार हुआ यह न्यू डील ऐच्छित, विकेन्द्रीकरण और राज्यों के अधिकारों से ओत-प्रोत था। जिससे तानाशाही की स्थिति उत्पन्न हो गई थी और भले ही उद्योगपति इसे चूस लेने की राजनीति' वताई। परिणामतः लोगों की स्वतन्त्रता में कटौती की गई।

उपलब्धियाँ- न्यू डील प्रशासन ने अमेरिका के लिए बहुत कुछ किया, भले इसकी आलोचना जितनी भी सीमा लेकिन इसकी उपलब्धियों को भी नकारा नहीं जा सकता। अतः इसकी कुछ उपलब्धियां हैं, जो अग्रलिखित हैं-

1.बहुत सारे अमरीकी लोग आर्थिक मंदी की चपेट में आ गए थे, उन्हें न्यू डील प्रशासन के काम, वित्तीय सहायता और आवाज देकर मदद की।

2. बहुत से किसानों और मजदूरों को सीधे संरक्षण दिया तथा बड़े-बड़े व्यापारियों की शक्तियों पर रोक लगाई।

3. कार्य प्रगति प्रशासन एवं लोक कार्य प्रसासन ने सड़क पुल, स्कूल, अस्पताल आदि बनवाकर देश को बहुत बड़ी सेवा प्रदान की उसी प्रकार टेनेसी घाटी प्राधिकरण ने पनबिजली प्रदान करके उस क्षेत्र की जमीन को जोत-कोर लायक बनाया, जिससे यह क्षेत्र समृद्ध बना।

4.सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में और वृद्धा पेंशन, बेरोजगार बीमा, विकलांगों की आर्थिक सहायता देकर न्यू डील प्रशासन ने एक प्रशंसनीय काम किया।

5.न्यू डील प्रशासन द्वारा किया गया काम यथा स्टॉक एक्सचेंज का नियन्त्रण, प्रतिभूतियों को निकासी, उत्पादित फसलों पर नियन्त्रण, काम के घण्टों में कटौती, मजदूर और नियोक्ताओं के बीच मेल-जोल करवाना इत्यादि उल्लेखनीय हैं।

6. न्यू डील प्रशासन के कार्यकाल के दौरान आर्थिक परिणाम बेहतर हुए। जिससे कृषक और मजदूर को क्रय शक्ति बढ़ी।

7.अमेरिका जीवन में नागरिकों से सरकार से नई भूमिका की मान्यता दिलवायी गई लोगों ने यह महसूस किया कि देश के विशाल सम्पदाओं को सभी लोगों के लाभ के लिए न कि कुछ पूंजीवादियों के लिए राष्ट्रीय परियोजनाओं द्वारा उपयोग किया जाना चाहिए।

8.न्यू डील प्रशासन ने शक्तिशाली अध्यक्षीय नेतृत्व के मूल्य को दिखा दिया और यह भी दिखाया कि किस तरह संकट से निपटने में प्रजातान्त्रिक पद्धति की भूमि प्रभावी होती है। न्यू डील पद्धति के उपर्युक्त चर्चाओं के आलोक में यह कहा जा सकता है कि हालांकि न्यू डील प्रशासन ने बेरोजगारी एवं मंदी जैसी समस्याओं को पूर्ण रूप से हल नहीं किया, किन्तु इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि इसने अमरीकी आर्थिक और राजनीतिक डाँचा को बर्बाद होने से बचाने में सफलता प्राप्त की। न्यू डील पद्धति ने अमेरिकियों की सार्वजनिक जीवन में नई जान फूंक दी। अपने दूरदर्शिता एवं साहसिक कदम से अमेरिकियों के मनोबल को पुनः प्राप्त किया। भुखमरी से ग्रस्त लोगों को इसने काम दिया। इसकी लोक कार्य योजना ने राष्ट्रीय विरासत में भी चार चाँद लगा दिए। इसके अतिरिक्त सम्भवतः न्यू डील योजना की सबसे सन्तोषजनक उपलब्धियाँ यथा टेनेसी पारी प्राधिकरण, पश्चिमी राज्यों में नहरों का निर्माण ग्रामीण विद्युतीकरण, मिट्टियों के संरक्षण में उत्यन और कार्य प्रति प्रशासनोन्मुखी सांस्कृतिक योजनाएँ थीं।

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